गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां भाजपा राज में ही भाजपा कार्यकर्ताओं को पुलिस की बेरहमी का शिकार होना पड़ा। आरोप है कि थाने का गेट बंद कर और लाइट बुझाकर आधी रात में कार्यकर्ताओं की दौड़ा-दौड़ाकर पिटाई की गई। इस बर्बर लाठीचार्ज में दिव्यांग भाजपा कार्यकर्ता सियाराम उपाध्याय की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हैं। घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त आक्रोश फैल गया है और पुलिस प्रशासन के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
विवाद से थाने तक पहुंचा मामला
गाजीपुर के नोनहरा थाना क्षेत्र के गठिया गांव में 9 सितंबर को बिजली का खंभा गाड़ने को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था। इसी विवाद को लेकर भाजपा कार्यकर्ता थाने में धरने पर बैठ गए थे। आरोप है कि राजेश राय बागी और विकास राय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण धरना दिया, लेकिन आधी रात अचानक बिजली बंद कर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।
कार्यकर्ताओं पर टूटी पुलिस की बर्बरता
मौके पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि पुलिस ने थाने का गेट बंद कर दिया और अंदर मौजूद सभी पर अंधेरे में जमकर लाठियां बरसाईं। इस दौरान दिव्यांग कार्यकर्ता सियाराम उपाध्याय समेत दर्जनों लोग घायल हो गए। गुरुवार भोर में सियाराम उपाध्याय की चोटों के कारण मौत हो गई। उनकी मौत की खबर फैलते ही गुस्साए भाजपा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने रुकुंडीपुर गांव में भारी संख्या में जुटकर विरोध प्रदर्शन किया।
परिवार का आरोप
मृतक सियाराम उपाध्याय के पिता गिरिजा उपाध्याय ने बताया कि उनका बेटा शांतिपूर्ण धरने में गया था, लेकिन पुलिस ने बेरहमी से उसकी पिटाई की। घर लौटने पर उसकी हालत बेहद खराब थी और चोटों के चलते ही उसकी मौत हो गई। परिवार ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की है।
पुलिस का बयान और जांच के आदेश
इस पूरे मामले पर पुलिस कप्तान ईरज राजा ने सफाई देते हुए कहा कि मामला बिजली विभाग से जुड़ा विवाद था। एक पक्ष के 20–25 लोग थाने पर आकर बैठ गए थे, जिन्हें समझाने की कोशिश की गई। रात में अचानक बिजली चली गई, जिससे अफरातफरी मची। हालांकि, पुलिस ने लाठीचार्ज से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि मृतक का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और एडिशनल एसपी ज्ञानेन्द्र नाथ प्रसाद को जांच सौंपी गई है।
भाजपा नेताओं का विरोध और गुस्सा
घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा के जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश राय, विधायक अल्का राय के बेटे पियूष राय और अन्य नेता मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस दौरान पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पियूष राय ने सोशल मीडिया पर लाठीचार्ज का वीडियो भी शेयर किया, जिसमें पुलिस की बर्बरता और कार्यकर्ताओं की चीख-पुकार साफ सुनाई दे रही है।
प्रदेश स्तर पर नाराजगी
बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल सिंह और भाजपा प्रदेश संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह ने भी इस घटना पर नाराजगी व्यक्त की है। इससे पहले बाराबंकी में भी एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर पुलिस लाठीचार्ज को लेकर विवाद हुआ था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं में असंतोष और नाराजगी को बढ़ा दिया है।
गाजीपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं पर थाने में लाठीचार्ज मामले में पुलिस अधीक्षक ने 12 पुलिस कर्मियों पर की कार्रवाई किया है। 6 पुलिसकर्मी निलंबित, 6 को किया लाइन हाजिर, थानेदार समेत 6 पुलिसकर्मी निलंबित किये गये। एसपी ने डीएम को मजिस्ट्रियल जांच के लिये लिखा पत्र लिखा है।बता दें कि गाजीपुर के नौनिहार थाने में रात डेढ़ बजे पुलिस की पिटाई से बीजेपी कार्यकर्ता की मौत हुई थी।