25 किलोमीटर लंबे जाम में फंसी एम्बुलेंस, 2 साल के मासूम की दर्दनाक मौत

वसई। महाराष्ट्र के वसई इलाके में गुरुवार को हुई एक हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर भीषण जाम में घंटों तक फंसी एक एम्बुलेंस में तड़पते हुए दो साल के मासूम ने दम तोड़ दिया। हादसे और ट्रैफिक जाम की वजह से बच्चा समय पर बड़े अस्पताल नहीं पहुँच सका और उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

चौथी मंजिल से गिरा मासूम

जानकारी के अनुसार, वसई के पेल्हार इलाके में रहने वाला दो वर्षीय रियान शेख गुरुवार दोपहर खेलते समय चौथी मंजिल से नीचे गिर गया। हादसे में उसके पेट और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। परिजन तुरंत उसे नजदीकी गैलेक्सी अस्पताल लेकर पहुँचे। वहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक देखते हुए उसे बड़े अस्पताल में ले जाने की सलाह दी।

<iframe width=”560″ height=”315″ src=”https://www.youtube.com/embed/rz4b6Gt1yoI?si=_vHiPbKqzT2XVhKg” title=”YouTube video player” frameborder=”0″ allow=”accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture; web-share” referrerpolicy=”strict-origin-when-cross-origin” allowfullscreen></iframe>

एम्बुलेंस जाम में फंसी

करीब डेढ़ बजे रियान को एम्बुलेंस से मुंबई के लिए रवाना किया गया। लेकिन जैसे ही एम्बुलेंस मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुँची, वह ट्रैफिक जाम में फंस गई। सुबह से ही इस राजमार्ग पर जाम लगा हुआ था, जो दोपहर तक और भी भयावह हो गया।

वाहनों की लंबी कतारें 20 से 25 किलोमीटर तक फैली हुई थीं। पुलिस और ट्रैफिक विभाग की कोशिशें इस जाम को हटाने में नाकाफी साबित हुईं। एम्बुलेंस चालक ने कई बार सायरन बजाकर रास्ता बनाने की कोशिश की, लेकिन भीड़-भाड़ और वाहनों के जाल में फंसे होने के कारण कोई रास्ता नहीं मिल पाया।

बिगड़ती हालत और मौत की खबर

करीब पांच घंटे तक एम्बुलेंस जाम में फंसी रही। इस दौरान रियान की हालत लगातार बिगड़ती गई। परिजनों ने अंततः मजबूरी में एम्बुलेंस को पास के ससूनवघर गांव के एक छोटे अस्पताल की ओर मोड़ा। लेकिन वहाँ पहुँचने पर डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। परिवारजन बच्चे की मौत की खबर सुनते ही फफक पड़े और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

प्रशासन और ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल

इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि राजमार्ग की देखरेख और ट्रैफिक प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने वाले विभाग लापरवाह हैं। खासकर आपातकालीन स्थितियों में एम्बुलेंस को प्राथमिकता न मिलने पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि अक्सर इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर घंटों तक जाम की स्थिति बनी रहती है, लेकिन प्रशासन ने इसके स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। यह हादसा ट्रैफिक व्यवस्था की खामियों और प्रशासनिक लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण माना जा रहा है।

जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया 

घटना के बाद स्थानीय नेताओं और सामाजिक संगठनों ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने प्रशासन से पूछा है कि जब राजमार्ग पर रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं, तो एम्बुलेंस और आपातकालीन वाहनों के लिए विशेष लेन क्यों उपलब्ध नहीं कराई जाती। साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार को मुआवजा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

Related posts

दोस्ती बनी दुश्मनी का कारण, 15 वर्षीय किशोर ने 17 साल के साथी की ली जान

उद्धव ठाकरे को लोकसभा में बड़ा झटका! छह सांसदों ने बनाया अलग गुट, शिंदे सेना में विलय की अटकलों से सियासत गरम

BEST कर्मचारियों की आर-पार की लड़ाई, आज से अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान