सिर्फ सस्ती ही नहीं, महंगी भी होंगी कई चीजें : अब लग्जरी और नुकसानदेह वस्तुओं पर लगेगा 40% टैक्स

नई दिल्ली। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) काउंसिल ने दरों की नई संरचना लागू कर दी है। आज से पूरे देश में तीन टैक्स स्लैब — 5%, 18% और 40% लागू हो गए हैं। इस बदलाव से जहां आम उपभोक्ता के लिए कई वस्तुएं सस्ती होंगी, वहीं लग्जरी और नुकसानदेह उत्पादों की कीमतें बढ़ जाएंगी, क्योंकि इन्हें ‘सिन गुड्स’ कैटेगरी में रखकर इन पर 40% जीएसटी लगाया गया है।

किन वस्तुओं पर लगेगा 40% टैक्स?

सरकार ने साफ किया है कि विलासिता और सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले प्रोडक्ट्स को ऊंची दर के दायरे में लाया गया है। इनमें शामिल हैं –

  • पेट्रोल की 1,200 सीसी से बड़ी और डीजल की 1,500 सीसी से बड़ी सभी कारें
  • 350 सीसी से अधिक क्षमता वाली मोटरसाइकिलें
  • निजी उपयोग के लिए विमान और हेलीकॉप्टर
  • मनोरंजन व खेलकूद के लिए नौकाएँ और जहाज
  • पान मसाला, गुटखा, तंबाकू और बीड़ी
  • कोल्ड ड्रिंक, शुगर युक्त या सुगंधित पेय पदार्थ
  • कैफीनयुक्त और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स

इन प्रोडक्ट्स की कीमतें अब उपभोक्ताओं को काफी महंगी पड़ेंगी।

आम उपभोक्ता को राहत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद कहा कि सरकार का मकसद लोगों को रोजमर्रा की वस्तुओं पर राहत देना है। नई दरों के तहत –

खाद्य और कपड़ा उत्पादों पर समान 5% टैक्स लगेगा

रेफ्रिजरेटर, बड़े टेलीविजन सेट और एयर-कंडीशनर जैसे घरेलू उपकरण अब 18% स्लैब में आएंगे। पहले इन पर ऊंची दर लागू थी, जिससे कीमतें अपेक्षाकृत कम होंगी।

वित्त मंत्री का बयान  सीतारमण ने कहा, “सभी पेय पदार्थ जिनमें अतिरिक्त चीनी, स्वादयुक्त तत्व या कैफीन मिलाए जाते हैं, उन्हें 40% टैक्स स्लैब में रखा गया है। वहीं आम जरूरत की वस्तुओं को 5% और रोजमर्रा के घरेलू उपकरणों को 18% के तहत रखा गया है, ताकि आम लोगों पर कर का बोझ घटे।”

उपभोक्ताओं पर असर

फायदा: रोजाना इस्तेमाल होने वाले खाद्य व कपड़ा उत्पाद सस्ते होंगे। टीवी, फ्रिज, एसी जैसे घरेलू सामान भी पहले की तुलना में थोड़े किफायती होंगे।

नुकसान: कार, बाइक जैसी लग्जरी गाड़ियाँ, तंबाकू उत्पाद और कोल्ड ड्रिंक जैसी वस्तुएँ काफी महंगी हो जाएँगी।

नई जीएसटी दरों का असर सीधे उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। जहां आम लोगों को जरूरत की वस्तुओं में राहत मिलेगी, वहीं शौक और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले प्रोडक्ट्स अब जेब ढीली करवाएंगे। सरकार का संदेश साफ है — “जरूरी सामान सस्ते, लेकिन विलासिता और नुकसानदेह वस्तुएँ महंगी।”

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