बारिश का कहर : महाराष्ट्र में हुई 8 की मौत

महाराष्ट्र में भारी बारिश का कहर : 8 की मौत, किसानों के लिए 2,215 करोड़ की मदद, CM फडणवीस ने दिए कड़े निर्देश

मुंबई: महाराष्ट्र के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र में हालात सबसे ज्यादा गंभीर हैं। बाढ़ और मूसलाधार बारिश की वजह से राज्य में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हजारों हेक्टेयर में फैली फसलें बर्बाद हो गई हैं और सैकड़ों घर पानी में डूब गए हैं। ऐसे हालात में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई और हालात की समीक्षा करते हुए बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया।

किसानों के लिए राहत पैकेज

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बैठक के बाद बताया कि अब तक 31 लाख 64 हजार किसानों को 2,215 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी कर दी गई है। जिलाधिकारियों को 1,829 करोड़ रुपये सीधे भेजे जा चुके हैं, जबकि बाकी रकम अगले 8 से 10 दिनों में उनके पास पहुंचा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ और बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान अहिल्यानगर, जलगांव, सोलापुर, बीड और परभणी जिलों में हुआ है।

राहत और बचाव अभियान जारी

बारिश के कारण कई जगह लोग अपने घरों में फंस गए हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 17 टीमें राहत कार्य में जुटी हुई हैं। हेलीकॉप्टरों की मदद से अब तक 27 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। लगभग 200 लोगों को अलग-अलग सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया है। परभणी, बीड और धाराशिव जिलों में सेना की टुकड़ियां भी राहत कार्य में शामिल की गई हैं।  धाराशिव जिले के वाघेगव्हाण गांव में करीब 150 लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए सेना और एनडीआरएफ लगातार प्रयास कर रही है।

CM और मंत्रियों को प्रभावित इलाकों में जाने का आदेश

मुख्यमंत्री फडणवीस ने मंत्रियों को साफ निर्देश दिए कि वे मंत्रालय में बैठने के बजाय बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें और वहां राहत कार्य का जायजा लें। उन्होंने खुद भी जल्द ही इन जिलों का दौरा करने की बात कही। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पहले ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंच गए हैं।

किसानों के नुकसान का पंचनामा

मराठवाड़ा के जिलों में बारिश और बाढ़ से फसलों का भारी नुकसान हुआ है। हजारों हेक्टेयर की खरीफ फसलें पानी में डूब गई हैं। कई किसानों के घर गिर गए, वहीं मवेशियों की मौत की भी खबर है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों की फसलों, घरों और पशुधन के नुकसान का तुरंत पंचनामा तैयार करें, ताकि उन्हें समय पर मुआवजा मिल सके।

जान-माल का नुकसान

राज्य आपातकाल विभाग के अनुसार, बाढ़ और बारिश से अब तक 8 लोगों की मौत हुई है। इनमें लातूर जिले में 3, धाराशिव में 1, बीड में 2 और नांदेड़ में 2 लोगों की जान गई है। इसके अलावा 150 से ज्यादा पशुओं की मौत भी हुई है। संभाजीनगर में 5, जालना में 15, परभणी में 6, हिंगोली में 6, नांदेड़ में 9, बीड में 63, लातूर में 7 और धाराशिव जिले में 21 मवेशी बह गए या मर गए।

बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान

बारिश और बाढ़ ने सिर्फ फसलें ही नहीं उजाड़ी बल्कि बुनियादी ढांचे को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया है। राज्यभर में अब तक 76 जगहों पर निजी और सार्वजनिक संपत्तियां प्रभावित हुई हैं।

6 जगह सड़कें पूरी तरह बह गईं।

5 जगह पुल ढह गए।

327 पक्के मकान जमींदोज हो गए।

2 स्कूलें पूरी तरह ढह गईं।

4 जगह तालाब टूट गए।

इन नुकसानों ने प्रभावित जिलों के लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

हालात पर सरकार की नजर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पूरी तरह से प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बचाव और राहत कार्यों में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर हर संभव मदद पहुंचाएंगी। महाराष्ट्र इस समय प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। एक ओर किसान अपनी फसल और मवेशी गंवा चुके हैं, तो दूसरी ओर आम लोग घरों से बेघर हो गए हैं। ऐसे में राज्य सरकार ने तुरंत राहत पैकेज और तेजी से चल रहे बचाव कार्यों के जरिए उम्मीद जगाई है। हालांकि, भारी बारिश और बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान की भरपाई में समय लगेगा।

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