वसई/पालघर। पालघर जिले में रविवार को हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिले में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। शनिवार रात से शुरू हुई भारी बारिश ने वसई-विरार शहर समेत पालघर के कई हिस्सों को जलमग्न कर दिया। कहीं सड़कें तालाब बन गईं तो कहीं पेड़ धराशायी होकर मार्ग अवरुद्ध कर बैठे। प्रशासन अलर्ट मोड पर है, लेकिन लगातार हो रही बारिश से हालात सामान्य होने का नाम नहीं ले रहे।
जनजीवन पर गहरा असर
रविवार सुबह से ही लोगों को अपने-अपने कामकाज पर निकलना भारी पड़ा। जलभराव ने न केवल वाहनों की रफ्तार थाम दी बल्कि पैदल चलने वालों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ी। वसई के यूनिटेक, वटार नालासोपारा मेडिकल कॉलेज, द्वारिका होटल, नागिनदास पाड़ा, विजय नगर रोड, हसोबा नगर, तुलिंज ब्रिज के नीचे, गालानगर, शंखेश्वर नगर, सेंटर पार्क, साईनाथ नगर और संतोष भवन जैसे क्षेत्रों में पानी घुस गया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बरसात का पानी घरों में घुसने लगा है और नालियां चोक होने से स्थिति और भी खराब हो रही है। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे नागरिकों की मुश्किलें बढ़ गईं।
पेड़ गिरे, रास्ते बंद
तेज हवाओं और लगातार बारिश के चलते शहर के विभिन्न हिस्सों में 18 छोटे-बड़े पेड़ गिर गए। इससे कई जगहों पर यातायात बाधित हुआ। मनपा के अग्निशमन विभाग ने मौके पर पहुंचकर पेड़ों को हटाया और रास्ते को साफ कराया। हालांकि कई घंटों तक वाहन चालक ट्रैफिक जाम में फंसे रहे।
हादसे और नुकसान
नालासोपारा (पूर्व) के मोरेगांव खिंडीचा पाड़ा इलाके में एक बंजारा परिवार का घर बारिश के कारण पूरी तरह ध्वस्त हो गया। इस घटना से परिवार को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।
इसी बीच पालघर के खरशेत गोवारी पाड़ा में देर रात आकाशीय बिजली गिरने से एक ही परिवार के पांच सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा रात करीब 1 बजे हुआ। घायलों में वैशाली धानवा, ऋतिक धानवा, सोनम धानवा, भारती साबला और तेजल साबला शामिल हैं। सभी को तत्काल मनोर ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बिजली गिरने से उनके घर को भी काफी नुकसान हुआ है।
बांधों का जलस्तर बढ़ा
लगातार बारिश के चलते जिले के बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। धामणी बांध पूरी तरह भर चुका है, जबकि कवडास बांध से पानी ओवरफ्लो होना शुरू हो गया है। नदी के किनारे बसे गांवों को प्रशासन ने अलर्ट पर रखा है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की सख्त निगरानी
जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने बताया कि 28 और 29 सितंबर को भारी बारिश की आशंका के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना के साथ समन्वय स्थापित किया है। राहत-बचाव कार्यों के लिए दल तैनात कर दिए गए हैं।
उन्होंने कहा, “नागरिकों से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। तटीय इलाकों और मछुआरों को विशेष रूप से सतर्क रहने के लिए कहा गया है।”
आपातकालीन नंबर जारी
जिले के नागरिकों की सहायता के लिए प्रशासन ने 24×7 सक्रिय आपातकालीन नंबर जारी किए हैं। इनमें जिला नियंत्रण कक्ष – 02525-297474, 82379 78873, टोल-फ्री नंबर – 1077, तथा महानगरपालिका आपदा नियंत्रण केंद्र के नंबर – 0250-2334546 / 2334547 / 7058911125 शामिल हैं।
महानगरपालिका की तैयारियां
वसई-विरार महानगरपालिका के फायर ऑफिसर जयेश चिपलूणकर ने बताया कि जलभराव वाले नौ स्थलों पर पंप मशीनें लगाई गई थीं और लगातार पानी निकाला जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अब तक किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। महानगरपालिका का पूरा अमला अलर्ट मोड पर है और किसी भी आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
नागरिकों की मुश्किलें
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस बार बारिश ने सब रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। “हमारे घरों में घुटनों तक पानी भर गया है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं। बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है,” विजय नगर निवासी संतोष पाटिल ने बताया।
नालासोपारा की ललिता सावंत ने कहा कि प्रशासन को जलनिकासी की व्यवस्था पहले से करनी चाहिए थी। “हर साल यही समस्या होती है। पानी भरते ही हमारी गलियां दरिया बन जाती हैं।”
नागरिकों से अपील
प्रशासन और महानगरपालिका ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित विभाग से संपर्क करें। साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न निकलें और बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।