ठाणे। डोंबिवली के मानपाड़ा पुलिस थाना क्षेत्र में एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक स्कूल के मुख्याध्यापक पर छह वर्षीय छात्रा के साथ गंभीर आपराधिक कृत्य करने का आरोप लगा है। यह मामला सामने आते ही स्थानीय नागरिकों और छात्रा के परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग स्कूल परिसर में इकट्ठा हो गए और आरोपी मुख्याध्यापक महेंद्र खैरनार को पकड़कर मानपाड़ा पुलिस के हवाले कर दिया। नागरिकों के साथ अभिभावकों ने भी आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और गुस्से से भरे माहौल में पुलिस थाने तक पहुंचकर आरोपी को कठोर सजा देने की अपील की।
पुलिस के अनुसार, यह घटना मानपाड़ा क्षेत्र के एक जिला परिषद स्कूल में हुई है, जहाँ छह वर्षीय बच्ची शिक्षा ग्रहण कर रही थी। प्रारंभिक शिकायत के आधार पर आरोपी मुख्याध्यापक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच की जाएगी तथा सभी कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएंगी।
इस घटना ने इलाके में भारी हड़कंप मचा दिया है और शिक्षा जगत में भी गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस प्रकार का आपराधिक कृत्य सामने आया है। स्थानीय नागरिक संगठनों और अभिभावकों ने एक स्वर में कहा है कि दोषी को कठोर से कठोर दंड दिया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ता भी इस आंदोलन में शामिल हुए और उन्होंने पुलिस से तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की।
जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि आरोपी मुख्याध्यापक के खिलाफ वर्ष 2019 में भी इसी तरह की गंभीर शिकायत सामने आई थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हुई थी। इस तथ्य ने लोगों में और अधिक आक्रोश पैदा कर दिया है और सवाल उठने लगे हैं कि यदि पहले ही कठोर कार्रवाई की गई होती तो आज ऐसी भयावह घटना शायद टल सकती थी।
इस पूरे मामले ने कल्याण ग्रामीण क्षेत्र में गुस्से और आक्रोश की लहर दौड़ा दी है। प्रशासन और पुलिस पर अब यह जिम्मेदारी है कि मामले की पूरी गंभीरता से जांच कर दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और समाज में यह संदेश जाए कि बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।