जौनपुर में 75 वर्षीय बुजुर्ग की 35 वर्षीय महिला से की शादी! सुहागरात के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
जौनपुर। जिले के गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कुछमुछ गांव से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को चर्चा और हैरानी में डाल दिया है। गांव के 75 वर्षीय संगरू राम ने सोमवार को जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 35 वर्षीय महिला मनभावती से विवाह रचाया। यह शादी पहले कोर्ट मैरिज के जरिए पंजीकृत की गई और बाद में मंदिर में विधिवत रूप से संपन्न हुई। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी और उनकी पहली शादी से दो बेटियां और एक बेटा हैं। वहीं संगरू राम की पत्नी का देहांत एक वर्ष पूर्व हो चुका था और उनके कोई संतान नहीं थी। वह अकेले ही खेती-किसानी करके अपने जीवन का निर्वाह कर रहे थे जबकि उनके भाई और भतीजे दिल्ली में रहकर कारोबार करते हैं।
गांव वालों के अनुसार, संगरू राम लंबे समय से दूसरी शादी करने की बात कर रहे थे। कई ग्रामीणों ने उन्हें उम्र और स्वास्थ्य की स्थिति देखते हुए समझाने का प्रयास भी किया लेकिन उन्होंने किसी की बात नहीं मानी और विवाह का निर्णय लिया। शादी के बाद संगरू राम और मनभावती ने रात देर तक बातें कीं और जीवन को नए सिरे से शुरू करने की योजनाएं साझा कीं। मनभावती का कहना है कि संगरू राम ने उन्हें आश्वासन दिया था कि वह उनके बच्चों की जिम्मेदारी उठाएंगे और उनसे केवल घर संभालने की अपेक्षा रखी थी। विवाह के बाद का वातावरण सामान्य और खुशी से भरा हुआ प्रतीत हो रहा था, लेकिन अगले ही दिन सुबह अचानक स्थिति बदल गई जब संगरू राम की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस अप्रत्याशित घटना ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है। जहां एक ओर लोग इसे प्राकृतिक कारण मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग संदेह भी जता रहे हैं। संगरू राम के दिल्ली में रहने वाले भतीजों ने इस घटना को संदिग्ध बताते हुए अंतिम संस्कार रोक दिया है और कहा है कि जब तक वे गांव नहीं पहुंचते, तब तक अंतिम संस्कार नहीं होगा। उनके अनुसार इतनी अचानक हुई मृत्यु की परिस्थितियों को देखते हुए मामले की गहन जांच आवश्यक है। भतीजों की इस मांग ने गांव में और भी चर्चाओं को जन्म दिया है और लोग तरह-तरह की अटकलें लगाने लगे हैं।
फिलहाल पुलिस ने इस मामले में कोई औपचारिक हस्तक्षेप नहीं किया है, लेकिन यदि परिवार या ग्रामीणों की ओर से शिकायत या मांग की जाती है तो पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराई जा सकती है ताकि मृत्यु का सही कारण स्पष्ट हो सके। मनभावती का कहना है कि शादी के बाद सबकुछ सामान्य था और पति की तबीयत अचानक बिगड़ी, जिससे उन्हें भी गहरा सदमा पहुंचा है।
गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे वृद्धावस्था और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से हुई प्राकृतिक मृत्यु मानते हैं तो कुछ लोग इसे अचानक हुई मौत मानकर संदेह जता रहे हैं। सामाजिक स्तर पर यह घटना चर्चा का विषय इसलिए भी बनी हुई है क्योंकि 75 वर्षीय व्यक्ति द्वारा 35 वर्षीय महिला से विवाह करना गांव के लिए असामान्य था और विवाह के तुरंत बाद इस तरह की घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया है।
संगरू राम का जीवन अपेक्षाकृत साधारण रहा। पत्नी की मृत्यु के बाद वह अकेले रह गए थे और अपने खेतों पर मेहनत कर गुजर-बसर करते थे। इस कारण उन्होंने जीवन के अंतिम पड़ाव पर साथी की आवश्यकता महसूस की और मनभावती से विवाह का निर्णय लिया। लेकिन विवाह के अगले ही दिन उनकी मृत्यु ने न केवल नवविवाहिता पत्नी को बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।
अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या पुलिस जांच में सक्रिय होती है और क्या पोस्टमार्टम कराया जाता है। यदि पोस्टमार्टम होता है तो इससे मौत का वास्तविक कारण सामने आ सकेगा। वहीं भतीजों का दिल्ली से लौटना और उनका निर्णय भी इस मामले के आगे की दिशा तय करेगा। फिलहाल गांव में लोग इस घटना पर चर्चा कर रहे हैं और इसे भाग्य या नियति से जोड़कर देख रहे हैं।