काशी में धनतेरस से शुरू होगा स्वर्णमयी माता अन्नपूर्णेश्वरी दर्शन, अंबानी परिवार ने भेजा मां को विशेष उपहार

दीपोत्सव पर काशी विश्वनाथ धाम में धार्मिक उल्लास, अंबानी परिवार ने जताई गहरी श्रद्धा


वाराणसी। धनतेरस और दीपावली पर्व के अवसर पर काशी विश्वनाथ धाम एक बार फिर भक्तिभाव से सराबोर होने को तैयार है। धाम परिसर में स्थित स्वर्णमयी माता अन्नपूर्णेश्वरी मंदिर में इस वर्ष भी धनतेरस के दिन, 18 अक्टूबर (कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी) को पट खोल दिए जाएंगे। जैसे ही माता के दर्शन प्रारंभ होंगे, काशी का वातावरण जय-जयकार और आरती के स्वर से गूंज उठेगा। इस शुभ अवसर पर न केवल देशभर से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, बल्कि जो लोग व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते, वे अपनी आस्था विभिन्न माध्यमों से प्रकट कर रहे हैं। इन्हीं में से एक हैं देश के प्रमुख उद्योगपति मुकेश अंबानी और उनका परिवार, जिन्होंने माता अन्नपूर्णेश्वरी के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा प्रकट करते हुए विशेष श्रृंगार सामग्री और उपहार काशी भेजे हैं।


अंबानी परिवार ने मां अन्नपूर्णेश्वरी को अर्पित किया श्रृंगार और ग्रीटिंग कार्ड

सूत्रों के अनुसार, अंबानी परिवार ने अपने प्रतिनिधि के माध्यम से माता अन्नपूर्णेश्वरी को साड़ी, आभूषण, श्रृंगार सामग्री, दीपावली ग्रीटिंग कार्ड और नकद धनराशि अर्पित की है। ग्रीटिंग कार्ड पर नीता और मुकेश अंबानी, उनके पुत्र आकाश अंबानी, अनंत अंबानी, पुत्रवधुएं श्लोका और राधिका अंबानी, तथा उनके बच्चों के नाम अंकित हैं। यह भेंट दीपावली के इस पावन पर्व पर श्रद्धा और परंपरा के प्रति उनके गहरे सम्मान को दर्शाती है।


धनतेरस पर खुलेंगे माता के स्वर्णपट

काशी विश्वनाथ धाम के मुख्य द्वार (गेट नंबर एक) पर स्थित अन्नपूर्णेश्वरी मंदिर के प्रथम तल में विराजमान स्वर्णमयी माता अन्नपूर्णेश्वरी के पट धनतेरस के दिन विधिवत खोले जाएंगे। मंदिर के महंत शंकर पुरी जी ने बताया कि अंबानी परिवार द्वारा भेजी गई श्रृंगार सामग्री को पट खुलने के दिन मां को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “माता अन्नपूर्णेश्वरी की सेवा में यह अर्पण केवल भक्ति नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है कि समृद्धि का सही अर्थ दान और श्रद्धा में निहित है।”


काशी में दीपोत्सव का विशेष महत्व

वाराणसी में धनतेरस से लेकर दीपावली तक अन्नपूर्णेश्वरी माता के श्रृंगार, दर्शन और भोग का विशेष आयोजन होता है। इस अवधि में मंदिर में हजारों श्रद्धालु पहुंचकर स्वर्णमयी माता के दर्शन करते हैं और समृद्धि की कामना करते हैं।

मंदिर परिसर में भव्य सजावट की जा रही है। सोने की परत से सुसज्जित माता की प्रतिमा पर फूलों और दीपों से आरती की तैयारी की जा रही है।


श्रद्धा और आस्था का प्रतीक

अंबानी परिवार की ओर से आया यह उपहार केवल एक धार्मिक अर्पण नहीं, बल्कि समाज के लिए एक संदेश भी है — कि समृद्धि के साथ-साथ परंपरा और आस्था का संरक्षण आवश्यक है। मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्यों ने बताया कि दीपावली के अवसर पर हर वर्ष देश-विदेश से भक्त माता के दर्शन करने आते हैं, लेकिन इस बार अंबानी परिवार की भेंट ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया है।


श्रद्धा से समृद्धि तक 

वाराणसी की धार्मिक परंपरा में माता अन्नपूर्णेश्वरी को अन्न और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि दीपावली से पहले धनतेरस के दिन माता का दर्शन करने से जीवन में धन, सुख और अन्न की कमी नहीं रहती। अंबानी परिवार की यह पहल यह दर्शाती है कि चाहे वे देश के सबसे बड़े उद्योगपति हों, लेकिन भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता के प्रति उनकी आस्था आज भी उतनी ही अटूट है।

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