महाराष्ट्र में चल रहे स्थानीय निकाय चुनावों के बीच सत्ताधारी महायुति में नया विवाद सामने आ गया है। नांदेड़ जिले की लोहा नगर परिषद के लिए घोषित उम्मीदवार सूची में बीजेपी ने एक ही परिवार के छह सदस्यों को टिकट देकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों पर परिवारवाद का आरोप लगाने वाली बीजेपी के इस फैसले पर अब उसके सहयोगी भी सवाल उठा रहे हैं।
सबसे तीखी प्रतिक्रिया एनसीपी (अजित पवार) के विधायक प्रताप पाटिल चिखलिकर की ओर से आई है। उन्होंने कहा कि एक ही परिवार के छह सदस्यों को टिकट देना इस बात का संकेत है कि पार्टी के पास उपयुक्त उम्मीदवारों की कमी है। चिखलिकर ने तंज करते हुए कहा कि “जब बड़े नेता उम्मीदवार नहीं ढूंढ पाते, तब परिवार के 6 या 10 लोगों को मैदान में उतारना ही विकल्प रह जाता है।” उन्होंने बिलोली नगर परिषद में बीजेपी द्वारा एक भी उम्मीदवार नहीं उतारने पर भी सवाल उठाए।
लोहा नगर परिषद में कुल 10 वार्डों के लिए 20 सदस्य चुने जाने हैं, लेकिन बीजेपी की सूची ने राजनीतिक गलियारों में परिवारवाद की नई बहस छेड़ दी है। पार्टी ने गजानन सूर्यवंशी को काउंसिल प्रेसिडेंट का उम्मीदवार बनाया है। उनके परिवार और रिश्तेदारी से पांच अन्य लोगों को भी टिकट दिया गया है—पत्नी गोदावरी को वार्ड 7ए, भाई सचिन को वार्ड 1ए, भाभी सुप्रिया को वार्ड 8ए, रिश्तेदार वाघमारे को वार्ड 7बी और भतीजे की पत्नी व्याहारे को वार्ड 3 से उम्मीदवार बनाया गया है।
प्रदेश में 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों के लिए चुनाव हो रहे हैं। नांदेड़ जिला, जो पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण का गृह क्षेत्र है, इस चुनाव में खास महत्व रखता है। बीजेपी के लिए यह चुनाव चव्हाण की साख की परीक्षा भी माना जा रहा है, क्योंकि वे हाल ही में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे।
महाюति के भीतर बढ़ती नाराज़गी और टिकट वितरण को लेकर उठे सवालों ने चुनावी माहौल में नया मोड़ जोड़ दिया है। 2 दिसंबर को मतदान और 3 दिसंबर को नतीजों से यह साफ होगा कि विवादों के बावजूद बीजेपी का यह दांव कितना सफल होता है।