मालेगांव की घटना पर भड़की राजनीति , हर्षवर्धन सपकाल बोले—आरोपी को फांसी दी जाए, राज्य में महिलाओं की सुरक्षा भगवान भरोसे

मालेगांव में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ हुए बलात्कार और हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए मांग की है कि मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराई जाए और आरोपी को फांसी की सजा दी जाए।

“महाराष्ट्र में कानून का डर खत्म, महिलाएँ भगवान भरोसे”—सपकाल

सपकाल ने इस घटना को “बेहद निंदनीय और शर्मनाक” बताते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती पर महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराधियों के मन से कानून का भय समाप्त हो चुका है, जिसके चलते महिला अत्याचार की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कोयता गैंग, ड्रग्स माफिया, रेत माफिया सहित कई आपराधिक गिरोह सत्ताधारी दल के संरक्षण में खुलेआम सक्रिय हैं। उनका कहना था, “गुंडागर्दी और माफिया राज की जड़ें सत्ता के गलियारों तक फैली हुई हैं। अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण देकर ‘पवित्र’ करने की कोशिश जारी है।”

“पुलिस विपक्ष का पीछा करने में लगी है, जनता को सुरक्षा देने में नहीं”

हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पुलिस का इस्तेमाल केवल विपक्ष को धमकाने, उनकी फोन टैपिंग करने और राजनीतिक प्रतिशोध में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का काम पीछे छूट गया है, जिसका परिणाम मालेगांव जैसी भयावह घटनाएँ हैं।

डॉ. संपदा मुंडे का मामला भी उठाया

सपकाल ने फलटण में डॉ. संपदा मुंडे की आत्महत्या का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और पुलिसिया उत्पीड़न से तंग आकर डॉ. मुंडे को अपनी जान देनी पड़ी, लेकिन आरोपी के रूप में नाम आने के बावजूद भाजपा के पूर्व सांसद रंजीतसिंह निंबालकर को मुख्यमंत्री और गृह मंत्री द्वारा तुरंत क्लीन चिट दे दी गई। सपकाल ने आरोप लगाया कि “आज तक डॉ. मुंडे को न्याय नहीं मिला और आरोपी सरकारी संरक्षण में घूम रहा है।” उन्होंने कहा कि मालेगांव की घटना को लेकर जनता में गहरा आक्रोश है, और आरोपी को अदालत में पेश किए जाने पर जनता का उफनता हुआ रोष इसका स्पष्ट प्रमाण है। सपकाल ने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि सरकार अब भी नहीं जागी, तो जनता का गुस्सा आपकी कुर्सियाँ उखाड़ फेंकेगा।”

कांग्रेस की सक्रियता बढ़ी, कई जिलों में बैठकें और सभाएँ

हर्षवर्धन सपकाल ने छत्रपति संभाजीनगर ज़िले के फुलंब्री और पैठण में स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनाव को लेकर समीक्षा बैठकों और कार्यकर्ता सम्मेलनों में भाग लिया। इसके साथ ही भोकरदन में आयोजित एक चुनावी सभा को भी संबोधित किया। इन कार्यक्रमों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति रही। सभा में सांसद डॉ. कल्याण काळे, पूर्व सांसद तुकाराम रेंगे पाटिल, सेवादल प्रदेशाध्यक्ष विलास औताडे, संभाजीनगर ग्रामीण जिलाध्यक्ष किरण पाटिल डोणगावकर, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र राख, कल्याण दले और प्रदेश सचिव कमाल फारूकी भी मौजूद थे। कांग्रेस का कहना है कि मालेगांव की घटना न केवल कानून-व्यवस्था की विफलता है, बल्कि सरकार की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाती है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है, जबकि जनता न्याय की प्रतीक्षा कर रही है।

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