जौनपुर। जौनपुर जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। शनिवार सुबह चंदवक थाना क्षेत्र में एक पिकअप वैन के पलटते ही जहां मदद के लिए लोग जुटने चाहिए थे, वहां भीड़ का रुख घायलों की ओर नहीं, बल्कि मुर्गों की ‘लूट’ की ओर हो गया। इस घटना ने मानवता पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
हादसा वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग पर गोमती नदी के पुल के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, पिकअप वैन में हजारों की संख्या में मुर्गे लदे हुए थे। वाहन के पलटते ही उसकी जाली टूट गई और मुर्गे सड़क, खेतों और झाड़ियों में इधर-उधर फैल गए। इसके बाद जो हुआ, वह हर किसी को हैरान करने वाला था।
टायर फटने से हुआ हादसा
पिकअप चालक अखिलेश गौतम ने बताया कि वह आजमगढ़ से मुर्गों की खेप लेकर मुगलसराय जा रहा था। तड़के अचानक तेज धमाके के साथ वाहन का टायर फट गया। इससे गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में पलट गई। इस दुर्घटना में चालक को चोटें आईं और वह वाहन के अंदर ही घायल अवस्था में फंसा रह गया।
मदद के बजाय लूट में जुटी भीड़
हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। लेकिन किसी ने भी पहले घायल चालक की सुध नहीं ली। जैसे ही लोगों की नजर बिखरे मुर्गों पर पड़ी, पूरा दृश्य बदल गया। हर कोई जितने मुर्गे पकड़ सकता था, उतने लेकर भागने लगा। कोई मुर्गों को खेतों से खदेड़ता नजर आया तो कोई झाड़ियों में घुसकर उन्हें पकड़ता दिखा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जहां से भी मुर्गों की आवाज आती, उसी दिशा में भीड़ दौड़ पड़ती। सड़क पर कुछ देर तक भगदड़ जैसी स्थिति बनी रही। घायल चालक मदद के लिए चीख-पुकार करता रहा, लेकिन उसकी पुकार भीड़ की ‘लूट-खसोट’ के शोर में दब गई।
कुछ ही देर में खाली हो गया वाहन
स्थिति यह रही कि कुछ ही मिनटों में लगभग पूरी खेप ग्रामीणों द्वारा लूट ली गई। मौके पर केवल गिनती के कुछ मुर्गे ही बचे, जबकि बाकी सारा माल गांव में बंट गया। बाद में स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल चालक को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस जांच में जुटी
चंदवक थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर मुर्गे लूटने वालों की पहचान की जा रही है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में तीखी चर्चा है और लोग इसे इंसानियत के पतन का उदाहरण बता रहे हैं।
यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि समाज के उस चेहरे को भी उजागर करता है, जहां अवसर मिलते ही संवेदना पर स्वार्थ हावी हो जाता है।