तमिलनाडु में दो सरकारी बसों की आमने-सामने टक्कर, 7 यात्रियों की मौत; 40 से अधिक घायल

तमिलनाडु के शिवगंगा जिला के तिरुपथुर के पास रविवार को एक भीषण सड़क हादसे में कम से कम सात यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 40 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा दो सरकारी बसों की आमने-सामने की टक्कर से हुआ, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, एक बस कराईकुडी की ओर जा रही थी, जबकि दूसरी बस मदुरै की ओर से आ रही थी। तिरुपथुर के पास एक संकरे मोड़ पर दोनों बसें आमने-सामने से टकरा गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बसों के अगले हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और कुछ यात्री सीटों के बीच फंस गए।

हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। कई यात्री बस के अंदर बुरी तरह फंसे हुए थे। स्थानीय ग्रामीण सबसे पहले मौके पर पहुंचे और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना देकर राहत-बचाव कार्य में जुट गए। बाद में दमकल विभाग और आपातकालीन टीमें भी मौके पर पहुंचीं और कटर की मदद से बसों में फंसे घायलों को बाहर निकाला गया।

सभी घायलों को इलाज के लिए शिवगंगा सरकारी अस्पताल ले जाया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक कई यात्रियों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड को अलर्ट पर रखा गया है और अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और लापरवाही सामने आ रही है। हालांकि दोनों बसों के चालकों से पूछताछ के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। मृतकों में महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं। हादसे की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए, जहां अपनों को घायल अवस्था में देखकर कई लोग बेसुध हो गए। कुछ शवों की पहचान रात तक नहीं हो सकी थी।

गौरतलब है कि तमिलनाडु में बीते एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी बड़ी बस दुर्घटना है। इससे पहले राज्य के तेनकासी जिला में सोमवार, 23 नवंबर 2025 को भी दो बसों की आमने-सामने टक्कर हो गई थी। उस हादसे में छह यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 30 लोग घायल हुए थे। वह दुर्घटना मदुरै से सेनकोट्टई जा रही बस और तेनकासी से कोविलपट्टी जा रही दूसरी बस के बीच हुई थी। उस मामले की जांच में चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार को हादसे की मुख्य वजह पाया गया था।

लगातार हो रही बस दुर्घटनाओं ने राज्य में परिवहन व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी बसों की नियमित तकनीकी जांच, ड्राइवरों की ट्रेनिंग और ओवरस्पीड पर सख्ती जरूरी है, वरना ऐसे हादसे थमने वाले नहीं हैं।

फिलहाल पुलिस प्रशासन ने इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है। वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी शोक संदेश जारी कर मृतकों के परिवारों को मुआवजा दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही किस तरह कई परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन सकती है।

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