मुंबई। धारावी पुनर्विकास परियोजना को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर धारावी पुनर्विकास प्राधिकरण (डीआरए) ने बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यह दावा पूरी तरह गलत है कि अब तक किए गए सर्वेक्षण में 80 प्रतिशत धारावी निवासियों को अपात्र घोषित कर दिया गया है। आधिकारिक रूप से जारी अंतिम परिशिष्ट-दो (अंतिम पात्रता सूची) के अनुसार, कुल 3,518 मकानों में से केवल 75 मकान ही अपात्र पाए गए हैं, जो कुल संख्या का लगभग दो प्रतिशत है।
प्राधिकरण के अनुसार, शेष अधिकांश निवासी किसी न किसी श्रेणी में आवास लाभ के लिए पात्र हैं। अधिकारियों ने कहा कि परियोजना के तहत किसी को भी घर से वंचित करने का उद्देश्य नहीं है और सरकार की नीति ‘सभी के लिए आवास’ पर आधारित है।
अधिकांश निवासी आवास लाभ के लिए पात्र
धारावी पुनर्विकास प्राधिकरण द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, कुल 3,518 घरों में से 2,009 मकान (करीब 57 प्रतिशत) आवास लाभ के लिए पात्र घोषित किए गए हैं। इनमें से 1,178 घर (33 प्रतिशत) सीधे धारावी में ही इन-सीटू पुनर्वास के लिए पात्र हैं। इसका मतलब है कि इन परिवारों को पुनर्विकास के बाद धारावी में ही नया घर मिलेगा।
इसके अलावा, 1,078 घर (लगभग 30.6 प्रतिशत) ऐसे हैं, जिनका मामला फिलहाल लंबित है। इन घरों के दस्तावेज अधूरे हैं या फिर विभिन्न सरकारी एजेंसियों के पास सत्यापन की प्रक्रिया में हैं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि इन मकानों को फिलहाल अपात्र नहीं माना गया है और सत्यापन पूरा होने के बाद इनके मामलों पर पुनर्विचार किया जाएगा।
सत्यापन के बाद लंबित मामलों पर होगा पुनर्विचार
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि लंबित श्रेणी में आने वाले मकानों के साथ-साथ लगभग 330 विभिन्न संरचनाएं और सार्वजनिक सुविधाएं भी शामिल हैं। इन सभी का दस्तावेजी और तकनीकी सत्यापन जारी है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होते ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि परियोजना के तहत पात्र और अपात्र दोनों श्रेणियों के लोगों के लिए आवास की व्यवस्था करने की सरकार की नीति है, इसलिए किसी भी निवासी को बेघर नहीं किया जाएगा।
झूठे दावों से गुमराह किए जा रहे निवासी
धारावी पुनर्विकास प्राधिकरण ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ लोग मेघवाड़ी, आज़ाद नगर, तिलक नगर और कमला रमन नगर जैसे इलाकों के अधिकांश निवासियों को अपात्र घोषित किए जाने के झूठे दावे कर रहे हैं, जिससे धारावी के लोगों को गुमराह किया जा रहा है। प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बड़ी संख्या में निवासी पात्रता हासिल कर रहे हैं।
उन्होंने निवासियों से अपील की कि वे अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं को ही सही मानें। सरकार और प्राधिकरण धारावी पुनर्विकास परियोजना को पारदर्शी तरीके से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।