लखनऊ। उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी को आखिरकार नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। लंबे समय से चल रहा सस्पेंस शनिवार को तब खत्म हुआ, जब सात बार के सांसद और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने राजधानी लखनऊ स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर अपना नामांकन दाखिल किया। रविवार को औपचारिक घोषणा के साथ ही पंकज चौधरी उत्तर प्रदेश भाजपा के नए अध्यक्ष बन जाएंगे। संगठन की सबसे बड़ी कुर्सी संभालने जा रहे पंकज चौधरी को पार्टी के भीतर मजबूत संगठनकर्ता और भरोसेमंद नेता के तौर पर देखा जाता है।
महाराजगंज लोकसभा सीट से सात बार सांसद चुने जा चुके पंकज चौधरी फिलहाल केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं। ऐसे में उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने से आगामी चुनावों को लेकर संगठन को नई धार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इसी बीच आम लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह सवाल भी चर्चा में है कि आखिर यूपी भाजपा अध्यक्ष को कितनी सैलरी मिलती है और इस पद से जुड़ी सुविधाएं क्या होती हैं।
संवैधानिक नहीं, संगठनात्मक होता है भाजपा अध्यक्ष का पद
उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का पद कोई संवैधानिक या सरकारी पद नहीं है। यह पूरी तरह से संगठनात्मक और राजनीतिक जिम्मेदारी वाला पद होता है। इसी वजह से राज्य भाजपा अध्यक्ष को सरकार की ओर से कोई तय वेतन नहीं दिया जाता। इस पद के लिए न तो कोई फिक्स्ड पे स्केल निर्धारित है और न ही किसी तरह की सैलरी स्लिप जारी होती है।
भाजपा अध्यक्ष से जुड़ा पूरा आर्थिक प्रबंधन पार्टी के आंतरिक तंत्र के जरिए किया जाता है। हालांकि, औपचारिक रूप से सैलरी नहीं होने के बावजूद पार्टी अपने प्रमुख पदाधिकारियों को मानदेय और संचालन से जुड़ी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष को हर महीने करीब एक से डेढ़ लाख रुपये तक का मानदेय मिलने की बात सामने आती रही है, जबकि राज्य अध्यक्षों के मानदेय को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया जाता। माना जाता है कि यूपी भाजपा अध्यक्ष को भी पार्टी फंड से मासिक मानदेय और भत्ते मिलते हैं, जिससे संगठनात्मक जिम्मेदारियों का निर्वहन किया जा सके।
कैबिनेट मंत्री स्तर की मिलती हैं सुविधाएं
सुविधाओं के लिहाज से यूपी भाजपा अध्यक्ष को लगभग कैबिनेट मंत्री स्तर की सुविधाएं दी जाती हैं। पार्टी की ओर से उन्हें पूरी तरह सुसज्जित कार्यालय, निजी सचिव, राजनीतिक सलाहकार और आवश्यक स्टाफ उपलब्ध कराया जाता है। संगठनात्मक कार्यों और दौरे के लिए हवाई यात्रा, रेल या सड़क मार्ग का पूरा खर्च पार्टी वहन करती है।
इसके अलावा वाहन, ड्राइवर, होटल में ठहरने और खानपान की व्यवस्था भी भाजपा की ओर से की जाती है। प्रदेश अध्यक्ष को रहने के लिए फर्निश्ड आवास की सुविधा भी मिलती है। अगर अध्यक्ष सांसद या विधायक होता है, तो उसे अपने संवैधानिक पद के अनुसार वेतन और भत्ते अलग से मिलते रहते हैं। आधिकारिक दौरों के दौरान दैनिक भत्ता, मेडिकल सुविधाएं और निजी स्टाफ का खर्च भी नियमों के तहत उपलब्ध कराया जाता है। कुल मिलाकर, भले ही यह पद वेतनभोगी न हो, लेकिन प्रभाव और सुविधाओं के लिहाज से यह संगठन का सबसे ताकतवर पद माना जाता है।