मुंबई–मनमाड मल्टीप्रोडक्ट पाइपलाइन को काटने का था प्लान,
मुंबई। मुंबई के आरसीएफ पुलिस स्टेशन क्षेत्र में भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की भूमिगत पेट्रोल/डीजल पाइपलाइन को टैप कर ईंधन चोरी करने की बड़ी साजिश का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस संगठित गिरोह के 13 शातिर आरोपियों को पुलिस ने अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई से करोड़ों रुपये की संभावित ईंधन चोरी को समय रहते रोका जा सका। इस संबंध में बीपीसीएल के मैनेजर हर्षल शिवजीराव भाजीपाले (34) की शिकायत पर आरसीएफ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से पाइपलाइन टैपिंग कर पेट्रोल और डीजल चोरी करने की फिराक में थे।
ढाई मीटर नीचे पाइपलाइन काटने की कोशिश
14 नवंबर की तड़के वारदात को दिया जाना था अंजाम
शिकायत के मुताबिक, 14 नवंबर 2025 की तड़के करीब 3:30 बजे पेप्सी कंपनी गेट के पास, गडकरी रोड पर सड़क के बाईं ओर जमीन से लगभग ढाई मीटर नीचे बिछी 18 इंच व्यास की ‘मुंबई–मनमाड मल्टीप्रोडक्ट पाइपलाइन’ को काटने का प्रयास किया गया। इसी पाइपलाइन के जरिए पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति की जाती है।
घटनास्थल पर की गई छेड़छाड़ की जानकारी मिलते ही बीपीसीएल अधिकारियों ने पुलिस को सूचित किया। इसके बाद आरसीएफ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ परिस्थितिजन्य प्रमाण जुटाए।
मुख्य साजिशकर्ता समेत 13 आरोपी गिरफ्तार
मुंबई, नवी मुंबई, मुंब्रा और ठाणे से हुई धरपकड़
जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले चेंबूर कैंप निवासी विनोद देवचंद पंडित (48) को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसकी संलिप्तता सामने आई। इसके बाद पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करते हुए मुख्य साजिशकर्ता रियाज अहमद अय्यूब मुल्ला, सलीम मोहम्मद अली शेख समेत अन्य आरोपियों की पहचान की।
पुलिस टीम ने मुंबई, नवी मुंबई, मुंब्रा और ठाणे में छापेमारी कर कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में यह भी सामने आया है कि सभी आरोपी पेशेवर अपराधी हैं और इनके खिलाफ मुंबई, ठाणे व नवी मुंबई के विभिन्न पुलिस थानों में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आरोपियों के कब्जे से गैस टैंकर, लोहे के क्लैंप, पाइपलाइन काटने के उपकरण और अन्य सामग्री जब्त की गई है, जिनका इस्तेमाल ईंधन चोरी में किया जाना था।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस उपायुक्त समीर शेख के मार्गदर्शन और सहायक पुलिस आयुक्त कलीम शेख की देखरेख में आरसीएफ पुलिस की विशेष टीम ने अंजाम दी। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों और नेटवर्क की जांच में जुटी है।