मथुरा। जिला प्रशासन की ओर से शनिवार देर रात की गई कार्रवाई ने मथुरा के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। कलक्ट्रेट परिसर स्थित हल्दी घाटी सरकारी भूमि पर बने वकीलों के चैंबरों पर बिना किसी पूर्व सूचना के बुलडोजर चलवा दिया गया। इस कार्रवाई में करीब 150 अधिवक्ताओं के चैंबर ध्वस्त कर दिए गए। रविवार सुबह जब अधिवक्ताओं को इसकी जानकारी हुई तो पूरे न्यायालय परिसर में हड़कंप मच गया।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि जिला प्रशासन ने न तो उन्हें कोई नोटिस दिया और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की। अचानक की गई इस कार्रवाई से उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज, केस फाइलें और कार्यालयीन सामान पूरी तरह नष्ट हो गया, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आक्रोशित वकीलों ने सिटी मजिस्ट्रेट के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया और प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया।
बताया गया कि कलक्ट्रेट परिसर में पुराने एसएसपी कार्यालय के पीछे स्थित हल्दी घाटी नामक भूमि पर पिछले दो से ढाई वर्षों से 150 से अधिक वकील अपने चैंबर बनाकर विधि व्यवसाय कर रहे थे। इन चैंबरों से करीब 500 अधिवक्ता प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए थे। शनिवार देर रात जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के नाम पर इन सभी चैंबरों को ध्वस्त कर दिया।
रविवार दोपहर करीब ढाई बजे बड़ी संख्या में अधिवक्ता कलक्ट्रेट पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस कार्रवाई से सैकड़ों वकीलों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई है। रातोंरात चैंबर तोड़कर प्रशासन ने हठधर्मिता और असंवेदनशीलता का परिचय दिया है।
वकीलों ने बताया कि उनके चैंबरों में कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर, पंखे, कूलर, एसी समेत अन्य जरूरी सामान रखा हुआ था। इसके अलावा बड़े और महत्वपूर्ण मुकदमों से संबंधित फाइलें भी चैंबरों में थीं, जो पूरी तरह नष्ट हो गईं। इससे न केवल आर्थिक नुकसान हुआ है, बल्कि न्यायिक कार्य भी बाधित हुआ है।
सोमवार को अधिवक्ताओं ने डीएम कार्यालय का घेराव कर जाम लगाया और जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। बार एसोसिएशन के सचिव शिव कुमार लवानिया ने अधिवक्ताओं के समर्थन में आंदोलन की घोषणा करते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते चैंबरों के पुनर्निर्माण की व्यवस्था नहीं की तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने सोमवार से हड़ताल का एलान करते हुए कहा कि अधिवक्ता पूरी ताकत के साथ संघर्ष करेंगे।