मुंबई। हिंदी, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के संगम का गवाह बना बॉलीवुड इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (biff) का छठा संस्करण इस वर्ष भी यादगार रहा। 12 से 14 दिसंबर 2025 तक मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित वेदा कुनबा थिएटर में आयोजित इस तीन दिवसीय महोत्सव का समापन भव्य अवॉर्ड नाइट के साथ हुआ, जिसमें भारतीय और विदेशी फिल्मों, निर्देशकों और कलाकारों को सम्मानित किया गया। स्टेज ऐप के प्रायोजन और ओमपुरी फाउंडेशन तथा पहल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस फेस्टिवल में सिनेमा के सामाजिक, सांस्कृतिक और मानवीय सरोकारों को केंद्र में रखा गया।
फेस्टिवल का पहला दिन महिलाओं को समर्पित रहा। इस दिन स्त्री विषयक सशक्त और प्रभावशाली फिल्मों की स्क्रीनिंग की गई। उद्घाटन सत्र में प्रतिभा शर्मा की बहुचर्चित डॉक्यूमेंट्री ‘आमो आखा एक से’ दिखाई गई। इसके बाद निर्देशक अनुभव सिन्हा की फिल्म ‘थप्पड़’ का प्रदर्शन हुआ। फिल्म के बाद अनुभव सिन्हा और धर्मेंद्र नाथ ओझा के बीच सिनेमा और सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर सार्थक संवाद हुआ। दोपहर बाद नवीन अग्रवाल की फिल्म ‘जिंदगीनामा’ और धर्मेंद्र नाथ ओझा की फिल्म राइटिंग पर मास्टरक्लास आयोजित की गई। शाम के सत्र में सीमा भार्गव पाहवा की ‘रामप्रसाद की तेरहवीं’ और सीमा कपूर की ‘हाट द वीकली बाजार’ ने दर्शकों को गहरे मानवीय अनुभव से जोड़ा।
13 दिसंबर को फेस्टिवल का दूसरा दिन क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सामाजिक-सांस्कृतिक फिल्मों के नाम रहा। दिन की शुरुआत हरियाणा की चर्चित फिल्म ‘चिड़िया’ से हुई, जिसका निर्देशन संदीप सभरवाल ने किया। इसके बाद जर्मनी के निर्देशक रूपर्ट पोएश्ल की अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री ‘टुमैनी फेस्टिवल’ दिखाई गई, जिसने अफ्रीका की एक विशेष जनजाति की संस्कृति को उजागर किया। प्रसिद्ध अभिनेता रघुवीर यादव के साथ आयोजित मास्टरक्लास दर्शकों और युवा कलाकारों के लिए खास आकर्षण रहा। अद्रिजा डे निर्देशित शॉर्ट फिल्म ‘घर’ को दर्शकों से भरपूर सराहना मिली।
दोपहर के सत्र में बोबन गोविंदन की फिल्म ‘मालावाज़ी’ ने तालियां बटोरीं, जबकि ऐना बोल्मार्क मार्क की ‘वॉटर: द कंडक्टर ऑफ लाइफ’ ने प्रकृति और जीवन के गहरे रिश्ते को रेखांकित किया। शाम को जापानी निर्देशक इसामु इमाके की अंतरराष्ट्रीय फिल्म ‘ड्रैगन हार्ट’ और जॉन एइनार्सन गुस्ताफसन की ‘अनऑर्गैज्मिया’ ने दर्शकों का ध्यान खींचा। दिन के अंतिम चरण में शॉर्ट फिल्म ‘फिंगर रिंग’, म्यूजिक वीडियो ‘गुज़ारा’ और अक्षय भारद्वाज की ‘बत्तो का बुलबुला’ का प्रदर्शन हुआ।
14 दिसंबर को फेस्टिवल के तीसरे और अंतिम दिन की शुरुआत हरियाणवी फीचर फिल्म ‘वनवास’ से हुई। इसके बाद ‘नज़रिया’, ‘डेविल्स लिस्ट’, संगीतमय प्रस्तुति ‘फेस टू फेस’, ‘मुस्तफा: द स्टोरी ऑफ अ टाइगर’, ‘मेहता एंड कंपनी’, ‘रद्दी’, ‘ओमलो’ और ‘द लेडी बर्ड: एक से अनेक’ जैसी फिल्मों की स्क्रीनिंग हुई। दिन का समापन डॉक्यूमेंट्री ‘चिल्ला खादर: नाव पर ज़िंदगी’ के साथ हुआ। इस दिन अभिनेता अखिलेन्द्र मिश्रा और कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा की मास्टरक्लास भी खास रही।
फेस्टिवल के समापन पर आयोजित अवॉर्ड नाइट में फिल्मों और कलाकारों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। मोबाइल फिल्म कैटेगरी में ‘लॉस्ट लवर’ को बेस्ट मोबाइल फिल्म चुना गया। डॉक्यूमेंट्री कैटेगरी में ‘सिरेमिक ट्रांसपोर्ट वर्कर्स’ के लिए याओलिसैहू को बेस्ट डायरेक्टर अवॉर्ड मिला। एनीमेशन फिल्म ‘पॉप्ड ऑर अलाइव’ और ‘लेस’ के लिए प्रबीर कुमार सामंता को सम्मानित किया गया। म्यूजिक वीडियो ‘फेस टू फेस’ और ‘गुज़ारा’ को भी अवॉर्ड मिले।
स्टूडेंट्स फिल्म इंडियन कैटेगरी में अद्रिजा डे की ‘घर’ को बेस्ट फिल्म चुना गया। स्टूडेंट्स फिल्म फॉरेन कैटेगरी में ‘चिल्ड्रेन ऑफ द लैंड’ को बेस्ट फिल्म का सम्मान मिला। शॉर्ट फिल्म कैटेगरी में ‘रद्दी’ और ‘मेहता एंड कंपनी’ को अवॉर्ड दिए गए। फीचर फिल्म कैटेगरी में ‘मालावाज़ी’ और ‘चिड़िया’ ने बड़ी बाज़ी मारी, जबकि बेस्ट फॉरेन फीचर फिल्म का खिताब ‘ड्रैगन हार्ट: एडवेंचर्स बियॉन्ड दिस वर्ल्ड’ को मिला।
फेस्टिवल का उद्घाटन निर्देशक अनुभव सिन्हा ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। पहले दिन ओमपुरी फाउंडेशन की फाउंडर नंदिता पुरी और biff की ओर से मोहम्मद ज़ीशान अय्यूब को ‘बेस्ट एक्टर ऑफ द ईयर’ और सुशांत सिंह को ‘एक्सीलेंस इन सिनेमा’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में यशपाल शर्मा, रघुवीर यादव, अखिलेन्द्र मिश्रा, पूनम ढिल्लन, पद्मिनी कोल्हापुरे, संजय मिश्रा सहित देश-विदेश की कई जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की।
बॉलीवुड इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2025 ने एक बार फिर यह साबित किया कि सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने और संवाद का सशक्त माध्यम भी है।