गोवा। सुनहरी रेत, नीला समंदर और लहरों की लगातार बहती धुन—गोवा ने बॉलीवुड अभिनेता अश्मित पटेल की जिंदगी को एक नई दिशा दी है। बचपन में परिवार के साथ बिताई छुट्टियों की यादें आज उनके डीजे करियर की बुनियाद बन चुकी हैं। अश्मित कहते हैं, “बचपन का सपना आज हकीकत बन चुका है। गोवा की वही पुरानी चमक आज भी कायम है, बस अब उसमें म्यूजिक की बीट्स घुल गई हैं।”
बॉलीवुड में एक दशक से ज्यादा समय तक संघर्ष करने के बाद अश्मित ने गोवा को अपना दूसरा घर बना लिया। उनके लिए यह जगह सिर्फ पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि संभावनाओं और आत्म-खोज की जमीन है। वे बताते हैं कि यहां देशभर से आए लोगों और अलग-अलग संस्कृतियों का संगम उन्हें फिल्मी दुनिया जैसा ही महसूस कराता है।
समंदर से उनका खास लगाव है। “मैं समुद्र का दीवाना हूं। सर्फिंग, तैराकी—मैं पूरा बीच बम हूं,” वे मुस्कराते हुए कहते हैं। खाने-पीने के शौक का जिक्र करते हुए अश्मित गोवा को भारत की ‘गैस्ट्रोनॉमिक कैपिटल’ बताते हैं। उनके मुताबिक, यहां हर बार कुछ नया चखने को मिलता है, जो स्वाद के साथ सोच को भी झकझोर देता है।
गोवा में उनका जीवन बेहद सादा है। शांत और कम भीड़ वाले समुद्र तट, साधारण ठिकाने और प्रकृति के करीब रहना—यही उन्हें गोवा की असली खुशबू लगती है। हर शाम सूर्यास्त निहारना और स्थानीय सर्फिंग स्पॉट्स पर वक्त बिताना उनकी रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल है।
डीजे के रूप में गोवा वापसी को अश्मित अपने जीवन का ‘हाई पॉइंट’ मानते हैं। वे कहते हैं, “जहां बचपन की यादें थीं, आज वहीं डांस फ्लोर की बीट्स गूंज रही हैं।”
अश्मित पटेल की गोवा से जुड़ी यह कहानी इस बात की याद दिलाती है कि जिंदगी की भागदौड़ में कहीं छूट गए सपने भी सही जगह और सही वक्त मिलने पर लहरों की तरह लौट आते हैं। गोवा उनके लिए सिर्फ सैर-सपाटे की मंजिल नहीं, बल्कि सपनों को नई उड़ान देने वाली जमीन है।