दो संतान नियम से बचने के लिए रची खौफनाक साजिश, आरोपी गिरफ्तार
मुंबई/निजामाबाद। महाराष्ट्र से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। सरपंच चुनाव लड़ने की लालसा में एक पिता ने अपनी ही मासूम बेटी की जान ले ली। निजामाबाद जिले के केरूर गांव निवासी पांडुरंग नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी बड़ी बेटी प्राची को नहर में धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया, ताकि कागजों पर उसके केवल दो बच्चे रह जाएं और वह चुनाव लड़ने के लिए पात्र बन सके।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी पांडुरंग लंबे समय से ग्राम पंचायत चुनाव में सरपंच पद के लिए तैयारी कर रहा था। हालांकि, राज्य में लागू दो संतान नियम के कारण वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य था, क्योंकि उसके तीन बच्चे थे। इसी अयोग्यता को दूर करने के लिए उसने खौफनाक रास्ता अपनाया और अपनी ही संतान को मौत के हवाले कर दिया।
जांच में सामने आया है कि पांडुरंग अपनी बेटी प्राची को बहाने से निजामाबाद जिले के एडापल्ली क्षेत्र के पास स्थित निजामसागर नहर तक ले गया। वहां सुनसान जगह देखकर उसने बच्ची को नहर में धक्का दे दिया। तेज बहाव में बह जाने से प्राची की मौके पर ही मौत हो गई। शुरुआत में मामले को हादसा दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस की गहन जांच और पूछताछ के दौरान कई विरोधाभास सामने आए।
सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और हत्या का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश और शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि सत्ता की भूख ने रिश्तों की सारी सीमाएं तोड़ दीं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए हर कानूनी कदम उठाया जाएगा।
यह वारदात समाज के सामने एक गंभीर सवाल खड़ा करती है कि सत्ता की चाहत इंसान को किस हद तक अमानवीय बना सकती है।