कोस्टल रोड पर रफ्तार का कहर रोकने की तैयारी, बार-बार ओवरस्पीडिंग करने वालों पर अब एफआईआर

मुंबई ट्रैफिक पुलिस का सख्त संदेश, जुर्माने के साथ आपराधिक कार्रवाई भी

मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की बहुप्रतीक्षित कोस्टल रोड पर तेज़ रफ्तार से वाहन चलाने की बढ़ती घटनाओं ने पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। लगातार नियमों की अनदेखी और बार-बार ओवरस्पीडिंग के मामलों को देखते हुए मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने अब कड़ा रुख अपनाने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत अब आदतन नियम तोड़ने वाले चालकों पर सिर्फ ई-चालान नहीं, बल्कि आपराधिक धाराओं के तहत एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।

मरीन ड्राइव से वर्ली होते हुए बांद्रा-वर्ली सी लिंक को जोड़ने वाली इस अत्याधुनिक कोस्टल रोड पर आए दिन लग्ज़री और हाई-स्पीड वाहनों को तय सीमा से कहीं अधिक रफ्तार में दौड़ते देखा जा रहा है। पहले इन मामलों में ई-चालान जारी कर जुर्माना वसूला जाता था, लेकिन कई वाहन चालक बार-बार वही गलती दोहराते रहे। पुलिस का मानना है कि केवल आर्थिक दंड से पर्याप्त असर नहीं पड़ रहा था, इसलिए अब कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, यदि कोई चालक तीन या उससे अधिक बार ओवरस्पीडिंग या गंभीर ट्रैफिक उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) या भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराएं लगाई जाएंगी। इसका सीधा अर्थ यह है कि ऐसे चालकों का आपराधिक रिकॉर्ड तैयार होगा, जिसका प्रभाव भविष्य में पासपोर्ट सत्यापन, सरकारी प्रक्रियाओं और पृष्ठभूमि जांच पर भी पड़ सकता है।

कोस्टल रोड मुंबई की एक महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजना मानी जा रही है, जिसने दक्षिण मुंबई में यातायात के दबाव को काफी हद तक कम किया है। इस मार्ग पर अधिकतम गति सीमा 80 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। सुरंगों में यह सीमा 60 किलोमीटर प्रति घंटा और इंटरचेंज पर 40 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है। इसके बावजूद रात के समय, जब ट्रैफिक अपेक्षाकृत कम होता है, कई वाहन चालक लापरवाही बरतते हुए तेज़ रफ्तार में गाड़ियां दौड़ाते हैं।

पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि 8 सितंबर से 12 जनवरी के बीच केवल कोस्टल रोड पर ही 61,989 ई-चालान जारी किए गए। इन चालानों से करोड़ों रुपये का जुर्माना वसूला गया। वर्तमान नियमों के अनुसार ओवरस्पीडिंग पर ₹2,000 का जुर्माना लगाया जाता है, जबकि बस लेन में वाहन चलाने पर पहली बार ₹500 और दोबारा उल्लंघन पर ₹1,500 का दंड तय है। नई नीति में जुर्माने की राशि में बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन बार-बार नियम तोड़ने वालों को अब कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

निगरानी को और मजबूत करने के लिए पूरे कोस्टल रोड पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं, जो तेज़ रफ्तार और नियम उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान स्वतः कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने साफ संदेश दिया है कि सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे तय गति सीमा का पालन करें, ट्रैफिक नियमों का सम्मान करें और अपनी तथा दूसरों की जान को खतरे में न डालें। प्रशासन का मानना है कि सख्ती के साथ-साथ जनजागरूकता ही सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगा सकती है।

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