गोंडा में मामी पर चढ़ा इश्क का खुमार, पति और दो बच्चों को छोड़ 11 साल छोटे भांजे संग हुई फरार

गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से रिश्तों की मर्यादा को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां 30 वर्षीय महिला ने अपने पति और दो मासूम बच्चों को छोड़कर 11 साल छोटे भांजे के साथ रहने का फैसला कर लिया। मामी-भांजे के इस प्रेम-प्रसंग की चर्चा पूरे इलाके में बनी हुई है। मामला थाना इटियाथोक क्षेत्र के परना गांव का है, जहां इस घटना ने ग्रामीणों को भी हैरानी में डाल दिया है।

जानकारी के अनुसार, परना गांव निवासी दद्दन तिवारी पेशे से ट्रक चालक हैं। उनकी मुलाकात वर्ष 2017 में चंडीगढ़ में मनीषा से हुई थी। उस समय मनीषा के घर में दद्दन किराये पर रहते थे। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में गोंडा आकर कोर्ट मैरिज कर ली। शादी के बाद दंपती के दो बेटे हुए, जिनमें बड़े बेटे की उम्र नौ साल और छोटे बेटे की उम्र चार साल बताई जा रही है।

इसी दौरान मनीषा की मुलाकात अपने भांजे विनीत से हुई। विनीत ने दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और उसके पिता अरुण दीक्षित राशन की दुकान चलाते हैं। विनीत का दद्दन के घर पर अक्सर आना-जाना था। इसी दौरान मामी और भांजे के बीच नजदीकियां बढ़ीं और दोनों चोरी-छिपे मिलने लगे। धीरे-धीरे यह रिश्ता प्रेम-प्रसंग में बदल गया।

जब इस संबंध की भनक पति दद्दन को लगी तो उन्होंने मनीषा को काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन वह अपने फैसले पर अड़ी रही। बताया जा रहा है कि करीब दो महीने पहले मनीषा ने भांजे के साथ रहने की जिद को लेकर आत्महत्या का प्रयास भी किया था। उसने फांसी लगाने की कोशिश की, लेकिन समय रहते परिजनों ने उसे बचा लिया। उधर, विनीत ने भी अपने परिवार के दबाव में तय हुई शादी को तोड़ दिया था।

घटना ने उस समय तूल पकड़ लिया जब बीते रविवार रात मनीषा ने विनीत को घर बुलाया। दोनों पूरी रात एक साथ रहे। सोमवार सुबह जब मनीषा की सास कपड़े लेने के लिए कमरे में पहुंची तो उसने विनीत को देख लिया। इसके बाद घर में शोर मच गया और आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए। मामला बढ़ता देख परिजनों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन दोनों अपने फैसले पर अड़े रहे।

मंगलवार को मामला पुलिस थाने तक पहुंचा। पुलिस के सामने मनीषा ने लिखित बयान दिया कि वह विनीत से प्रेम करती है और उसी के साथ रहना चाहती है। उसने यह भी स्पष्ट किया कि उसे अपने पति, बच्चों या पति की संपत्ति से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को साथ जाने की अनुमति दे दी।

इस घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोग बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जता रहे हैं। वहीं परिजन इस फैसले से सदमे में हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों बालिग हैं और कानूनी तौर पर साथ रहने का फैसला उनका निजी मामला है, लेकिन सामाजिक स्तर पर यह घटना कई सवाल खड़े कर रही है।

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