बस्ती में धर्मांतरण व शोषण के आरोपों से हड़कंप, AIMIM नेता समेत 8 पर केस
पीड़िता की शिकायत पर मुंबई से मुख्य आरोपी गिरफ्तार; एसपी का तबादला भी बना चर्चा का विषय
बस्ती : उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक युवती की शिकायत के बाद धर्मांतरण, शोषण और धोखाधड़ी से जुड़े गंभीर आरोपों ने सनसनी फैला दी है। मामले में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) से जुड़े बताए जा रहे नेता अजफरुल हक उर्फ प्रिंस समेत 8 लोगों के खिलाफ पुलिस ने संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मुख्य आरोपी को बाद में मुंबई के बांद्रा इलाके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक अभिनंदन को दी लिखित शिकायत में आरोप लगाया कि आरोपी ने खुद को हिंदू बताकर नौकरी दिलाने का झांसा दिया और उससे संपर्क बढ़ाया। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने प्रेम संबंध का विश्वास दिलाकर उसका शारीरिक शोषण किया और शादी का वादा कर लंबे समय तक दुष्कर्म करता रहा। युवती का यह भी आरोप है कि जब उसने विरोध किया और आरोपी के घर जाकर शिकायत की, तो वहां उसके साथ मारपीट और सामूहिक दुष्कर्म जैसी घटना को अंजाम दिया गया।
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में यह भी दावा किया कि आरोपी और उसके सहयोगियों का एक संगठित गिरोह है, जो कई अन्य लड़कियों को भी अपने जाल में फंसा चुका है। हालांकि, इन दावों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और आधिकारिक पुष्टि अभी होना बाकी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन एसपी अभिनंदन ने आरोपी और उसके परिजनों समेत कुल 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। कुछ दिनों बाद मुख्य आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया गया। इसी बीच एसपी अभिनंदन का तबादला सहारनपुर कर दिया गया, जिससे यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता कलवारी थाना क्षेत्र की रहने वाली है और बस्ती शहर के एक निजी अस्पताल में काम करती थी। उसका कहना है कि वर्ष 2022 में उसकी मुलाकात आरोपी से हुई, जिसने खुद को हिंदू बताकर उससे संपर्क बढ़ाया और विश्वास जीतने के लिए धार्मिक प्रतीकों का भी इस्तेमाल करता था। पीड़िता का आरोप है कि उसके परिवार को धमकाया जाता था और विरोध करने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता था।
पीड़िता ने यह भी दावा किया कि आरोपी पहले से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और उसके परिवार के कुछ सदस्य भी कथित रूप से इन घटनाओं में सहयोग करते थे। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।