मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के मेयर चुनाव को लेकर सियासी हलचल के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी की पार्षद रितु तावड़े के निर्विरोध मेयर बनने की संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है। यदि शनिवार शाम तय समय सीमा तक किसी अन्य दल की ओर से मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल नहीं किया जाता है, तो रितु तावड़े बिना मुकाबले के ही इस प्रतिष्ठित पद पर चुनी जा सकती हैं।
इस बार महायुति गठबंधन ने संगठित रणनीति के तहत अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। मेयर पद के लिए बीजेपी की ओर से रितु तावड़े ने नामांकन दाखिल किया है, जबकि उपमहापौर पद के लिए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना गुट से संजय घाड़ी ने अपनी उम्मीदवारी प्रस्तुत की है। दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना और कांग्रेस ने अब तक मेयर पद के लिए कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया है, जिससे मुकाबला होने की संभावना काफी कम होती नजर आ रही है।
नामांकन दाखिल करने की अंतिम समय-सीमा शनिवार शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है। इसके बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी कि चुनाव होगा या फिर पदों का चयन निर्विरोध तरीके से किया जाएगा। यदि तय समय तक विपक्षी दलों की ओर से कोई नाम सामने नहीं आता, तो रितु तावड़े का मेयर बनना लगभग तय माना जा रहा है। इसी तरह उपमहापौर पद पर भी निर्विरोध चुनाव की संभावना जताई जा रही है।
बीएमसी मेयर पद का औपचारिक चुनाव 11 फरवरी को दोपहर 12 बजे आयोजित किया जाएगा। हालांकि मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए यह प्रक्रिया औपचारिकता भर रह सकती है। महायुति के पक्ष में माहौल पहले से ही मजबूत नजर आ रहा है, जिससे गठबंधन को बढ़त मिलती दिख रही है।
इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के एकमात्र पार्षद अजीत राव राणे ने भी महायुति को समर्थन देने की घोषणा कर दी है। उनके समर्थन से गठबंधन की स्थिति और मजबूत हो गई है। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि मेयर और उपमहापौर दोनों पदों पर बिना किसी प्रतिद्वंद्विता के चुनाव संपन्न हो सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष की ओर से उम्मीदवार न उतारना महज रणनीतिक चुप्पी भी हो सकती है, लेकिन फिलहाल यह फैसला महायुति के पक्ष में जाता दिख रहा है। शिवसेना (उद्धव गुट) और कांग्रेस की निष्क्रियता ने इस चुनाव को लगभग एकतरफा बना दिया है।
मुंबई की राजनीति में इस घटनाक्रम को महायुति के बढ़ते प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है। महानगरपालिका जैसे अहम निकाय में सत्ता का संतुलन बदलना भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यदि रितु तावड़े निर्विरोध मेयर बनती हैं, तो यह न सिर्फ बीजेपी के लिए एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि होगी, बल्कि मुंबई की सियासत में महायुति की पकड़ और मजबूत होने का संकेत भी माना जाएगा।
अब सभी की नजरें नामांकन की अंतिम समय-सीमा पर टिकी हैं। अगर विपक्ष अंतिम क्षणों में भी कोई प्रत्याशी नहीं उतारता, तो 11 फरवरी का चुनाव महज औपचारिकता बनकर रह जाएगा और मुंबई को नया मेयर बिना किसी मुकाबले के मिल जाएगा।
मुंबई की नई मेयर रितु तावड़े?
मुंबई में उप महापौर का पद शिवसेना शिंदे के खाते में जाएगा.पार्टी ने संजय घाटी को अपना उम्मीदवार बनाया है.दोनों ही प्रत्याशियों ने शनिवार को नामांकन के आखिरी दिन अपना पर्चा दाखिल किया.रितु तावड़े बीजेपी की सीनियर कारपोरेटर हैं और तीन बार अलग-अलग वार्डों से चुनाव जीत चुकी हैं.साल 2012 में उन्होंने वार्ड नंबर 127 से जीत हासिल की थी. रितु तावड़े पहली बार 2017 में घाटकोपर के वार्ड नंबर 121 से चुनी गई थीं. इसके बाद वह 2025 के चुनाव में वार्ड नंबर 132 से भी जीत हासिल कर चुकी हैं. इसके अलावा वह मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की एजुकेशन कमिटी की चेयरमैन रह चुकी हैं.