पटना। बिहार के सीमांचल और कोसी क्षेत्र में सक्रिय प्रतिष्ठित कंस्ट्रक्शन कंपनी पनोरमा ग्रुप पर मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिकंजा कस दिया। तड़के करीब साढ़े पांच बजे ईडी की कई टीमों ने एक साथ पूर्णिया और सुपौल जिले के छातापुर स्थित कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की, जो देर तक जारी रही।
सूत्रों के अनुसार, पूर्णिया स्थित पनोरमा सिटी परिसर, ग्रुप के प्रबंध निदेशक संजीव मिश्रा के आवास और कंपनी से जुड़े कई दफ्तरों पर भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अधिकारियों ने दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच की। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले की जांच के तहत की जा रही है।
अचानक हुई इस कार्रवाई से सीमांचल और कोसी इलाके में व्यापारिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विस्तार करने वाले पनोरमा ग्रुप के वित्तीय लेनदेन और निवेश के स्रोतों को लेकर ईडी की विशेष नजर बताई जा रही है। खबर लिखे जाने तक छापेमारी जारी थी और एजेंसी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।
इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का दौर शुरू हो गया है। संजीव मिश्रा न केवल एक बड़े रियल एस्टेट कारोबारी के रूप में जाने जाते हैं, बल्कि मुकेश सहनी की पार्टी विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं।
पिछले वर्ष के अंत में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में वीआईपी पार्टी को कोई सीट हासिल नहीं हो सकी थी। हालांकि चुनाव के दौरान पार्टी ने पूरे प्रदेश में जोरदार प्रचार अभियान चलाया था और गठबंधन की संभावनाओं को लेकर कई राजनीतिक चर्चाएं भी हुई थीं। ऐसे में ईडी की यह कार्रवाई राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।