पुणे: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित प्रसिद्ध भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए इस वर्ष निराशाजनक खबर है। मंदिर परिसर में चल रहे व्यापक विकास कार्यों और सुरक्षा कारणों को देखते हुए प्रशासन ने 12 से 18 फरवरी तक मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए बंद रखने का निर्णय लिया है। इस संबंध में पुणे के जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी ने आधिकारिक रूप से मंदिर को महाशिवरात्रि के दौरान दर्शन के लिए बंद रखने का आदेश जारी किया है।
प्रशासन के अनुसार, मंदिर परिसर में असेंबली हॉल के निर्माण के साथ-साथ फुटपाथ और अन्य आधारभूत सुविधाओं का काम तेजी से चल रहा है। निर्माण कार्य की मौजूदा गति और परिसर में रखे गए भारी निर्माण सामग्री को देखते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरी हो सकती है। इसी कारण एहतियात के तौर पर यह फैसला लिया गया है।
बताया जा रहा है कि अगले वर्ष नासिक में सिंहस्थ कुंभ मेले का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें प्रतिदिन लगभग एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक भीमाशंकर मंदिर के समग्र विकास के लिए विशेष योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत भीड़ प्रबंधन, सुविधाओं के विस्तार और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं शुरू की गई हैं।
मंदिर परिसर में इन दिनों बड़े पैमाने पर निर्माण सामग्री, भारी पत्थर और मशीनरी रखी गई है, जिससे आवाजाही सीमित हो गई है। प्रशासन का कहना है कि निर्माण कार्य के स्वरूप, भौगोलिक परिस्थितियों और संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर को खुला रखना किसी भी तरह से सुरक्षित नहीं होगा। इसी कारण पहले ही मंदिर को अस्थायी रूप से तीन महीने के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया था, ताकि विकास कार्य तय समय सीमा में पूरा किया जा सके और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं तैयार की जा सकें।
हालांकि, महाशिवरात्रि के समय मंदिर खोलने की संभावना पर भी विचार किया गया था, लेकिन निर्माण कार्य की गति, दायरा और सुरक्षा पहलुओं की समीक्षा के बाद यह स्पष्ट हुआ कि उस अवधि में मंदिर को खोलना संभव नहीं है। मंदिर परिसर में पत्थर का भारी निर्माण कार्य जारी है और वहां मौजूद सामग्री को हटाना भी फिलहाल संभव नहीं है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। इसके चलते इस वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर भक्तों को भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन नहीं हो सकेंगे।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस निर्णय को समझें और सहयोग करें। विकास कार्य पूरा होने के बाद मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को अधिक सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे भविष्य में दर्शन व्यवस्था और भी सुगम हो सकेगी।