आंध्र प्रदेश के अन्नमैया जिले से एक बेहद संवेदनशील और हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां गरीबी और पारिवारिक कलह के बीच एक मां ने अपनी ही नाबालिग बेटी को दो लाख रुपये में बेच दिया। पुलिस जांच में इस पूरे मामले से जुड़े कई हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है।
यह मामला पुंगनूर बीडी कॉलोनी का है, जहां रामराजू और शोबा अपने चार बच्चों — तीन बेटियों और एक बेटे — के साथ रहते थे। शुरुआत में परिवार सामान्य जीवन जी रहा था, लेकिन पति-पत्नी के बीच लगातार होने वाले झगड़ों ने हालात को बिगाड़ दिया। करीब दो महीने पहले विवाद बढ़ने के बाद शोबा अपनी बेटियों को लेकर घर छोड़कर चली गई और पुंगनूर के टिडको इलाके में अलग रहने लगी।
अलग रहने के दौरान शोबा गंभीर आर्थिक संकट में फंस गई। इसी बीच उसका संपर्क रेड्डप्पा नाम के एक बिचौलिए से हुआ। उसने शोबा को बताया कि कर्नाटक के रायलपाडु क्षेत्र का निवासी रेड्डी राजशेखर दूसरी शादी के लिए लड़की की तलाश कर रहा है। बिचौलिए ने उसे लालच दिया कि अगर वह अपनी बेटियों में से एक की शादी उससे कर दे, तो बदले में उसे दो लाख रुपये मिल सकते हैं।
इसके बाद नाबालिग बेटी, जिसकी उम्र महज 14 साल थी, की शादी राजशेखर से करवा दी गई। इस पूरी व्यवस्था में शोबा की मां ने भी भूमिका निभाई। समझौते के तहत पहले चरण में 50 हजार रुपये दिए गए। शादी के बाद राजशेखर लड़की को अपने साथ बंगलुरु ले गया।
बताया जा रहा है कि वहां ले जाने के बाद वह लड़की के साथ लगातार उत्पीड़न करता रहा और उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और इस अमानवीय सौदे से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।