डोंबिवली में बर्फ से तैयार होंगी पांच शिवलिंगों की भव्य प्रतिकृतियां, महाशिवरात्रि पर विशेष आयोजन

ठाणे – महाशिवरात्रि का पर्व नजदीक आते ही शहर में भक्तिमय माहौल बनने लगा है। यह हिंदू धर्म का एक प्रमुख और पवित्र त्योहार है, जिसे पूरे उत्साह, श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर मंदिरों में पूजा-अर्चना, अभिषेक और धार्मिक कार्यक्रमों की विशेष तैयारियां की जा रही हैं। रविवार, 15 फरवरी को मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि को लेकर शहर के विभिन्न शिव मंदिरों में दिनभर धार्मिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। वहीं डोंबिवली में इस बार एक अनोखी और आकर्षक धार्मिक प्रस्तुति देखने को मिलेगी, जहां बर्फ से पांच शिवलिंगों की विशेष प्रतिकृतियां तैयार की जा रही हैं।

ठाणे और डोंबिवली दोनों ही शहर अपनी सांस्कृतिक परंपराओं और धार्मिक उत्सवों के लिए प्रसिद्ध हैं। यहां हर पर्व बड़े हर्षोल्लास और सामूहिक सहभागिता के साथ मनाया जाता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया जा रहा है। इस दिन श्रद्धालु सुबह से ही भगवान शिव के दर्शन के लिए मंदिरों में उमड़ पड़ते हैं। कई भक्त व्रत रखकर दिनभर भगवान शिव की उपासना करते हैं और रात्रि जागरण में भी शामिल होते हैं।

इस वर्ष महाशिवरात्रि को लेकर डोंबिवली में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। श्री गणेश मंदिर संस्थान की ओर से हर साल की तरह इस बार भी एक अलग और विशेष धार्मिक संकल्पना के साथ शिव प्रतिमा का निर्माण किया जा रहा है। संस्था द्वारा हर वर्ष भक्तों के लिए नई-नई थीम पर आधारित आध्यात्मिक सजावट की जाती है, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

पिछले वर्ष यहां कैलास पर्वत की भव्य प्रतिकृति तैयार की गई थी, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। उससे पहले दालों से भगवान शिव की प्रतिमा और 12 ज्योतिर्लिंगों की शानदार संरचना भी बनाई गई थी, जिसने भक्तों को गहराई से प्रभावित किया था। इस बार संस्था ने एक नई और अनूठी पहल करते हुए बर्फ से पांच शिवलिंगों की प्रतिकृति तैयार करने का निर्णय लिया है। यह विशेष रचना भक्तों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगी।

भक्त इस अद्भुत प्रतिकृति का दर्शन शाम 5:30 बजे से लेकर मध्यरात्रि तक कर सकेंगे। पूरे क्षेत्र में “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ भक्तिमय वातावरण रहेगा। श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ सांस्कृतिक रूप से भी यादगार साबित होगा।

महाशिवरात्रि के दिन मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना का विशेष कार्यक्रम भी तय किया गया है। सुबह 6 बजे, दोपहर 12 बजे, शाम 6 बजे और रात 12 बजे विशेष अभिषेक और पूजा संपन्न होगी। इनमें सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली ‘निशीथकाल पूजा’ मध्यरात्रि के पवित्र समय में आयोजित की जाएगी। इस वर्ष यह पूजा रात 12:28 से 1:18 बजे के बीच संपन्न होगी।

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर को देर रात तक खुला रखने का निर्णय लिया गया है। भक्त रात 1:30 बजे तक दर्शन कर सकेंगे। इस विशेष आयोजन से पूरे शहर में महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक उत्साह और भी अधिक बढ़ गया है और लोग बड़ी संख्या में इस पावन अवसर का हिस्सा बनने की तैयारी कर रहे हैं।

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