मुंबई: अंधेरी रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा संचालित ‘ऑपरेशन अमानत’ वर्ष 2025 में यात्रियों के लिए भरोसे और राहत का प्रतीक बनकर उभरा। इस अभियान के तहत ट्रेनों और स्टेशन परिसर में खोए हुए लाखों रुपये मूल्य के कीमती सामान को खोजकर उनके असली मालिकों तक सुरक्षित पहुंचाया गया।
67 लाख से अधिक का सामान लौटाया गया
आरपीएफ ने बताया कि पूरे साल कुल ₹67,07,185 मूल्य के मोबाइल, बैग, लैपटॉप, नकद और सोने के आभूषण यात्रियों को वापस किए गए। अभियान अंधेरी आरपीएफ के सीनियर पीआई राजीव सिंह सालरिया के मार्गदर्शन में चलाया गया।
सोशल मीडिया और हेल्पलाइन बनी सहारा
यात्रियों ने अपने खोए सामान की सूचना सोशल मीडिया और हेल्पलाइन 139 पर दी। पहचान की पुष्टि के बाद उनका सामान सुरक्षित रूप से लौटाया गया। इस पहल ने यह संदेश दिया कि ट्रेन या स्टेशन पर सामान खोने के बाद भी उसे वापस पाने की उम्मीद बरकरार रहती है।
फैक्ट फाइल: ऑपरेशन अमानत 2025
- मोबाइल लौटाए गए: 93 (₹35,35,833)
- बैग लौटाए गए: 79 (₹19,25,482)
- लैपटॉप लौटाए गए: 8 (₹7,31,000)
- सोने के आभूषण: ₹4,31,000
- नकद राशि: ₹83,870
- कुल मूल्य: ₹67,07,185
टीम की सतर्कता और जिम्मेदारी
अंधेरी आरपीएफ के सीनियर पीआई राजीव सिंह सालरिया ने कहा, “पूरे साल हमारी टीम ने सतर्कता के साथ काम किया। यात्रियों की खोई हुई संपत्ति को सही मालिक तक पहुंचाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।”
इस पहल ने यात्रियों के बीच रेलवे और आरपीएफ पर विश्वास मजबूत किया है और यह संदेश दिया कि सुरक्षा सिर्फ लोगों तक ही नहीं, उनकी संपत्ति तक भी सुनिश्चित की जा रही है।