अपना मानधन महापौर निधि को देंगी रितू तावडे, गरीब मरीजों की मदद के लिए किया भावनात्मक आह्वान

मुंबई। शहर की नई महापौर रितू तावडे ने एक संवेदनशील और प्रेरणादायी फैसला लेते हुए अपना पूरा मानधन ‘महापौर निधि’ में देने की घोषणा की है। उन्होंने नगरसेवकों, अधिकारियों और कर्मचारियों से भी आगे आकर इस निधि को मजबूत बनाने का आह्वान किया है, ताकि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को समय पर सहायता मिल सके।

महापौर पद संभालने के बाद रितू तावडे ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाना नहीं, बल्कि सामाजिक सहयोग की भावना को भी मजबूत करना है। इसी सोच के तहत उन्होंने अपना मानधन महापौर निधि में जमा करने का निर्णय लिया और अन्य जनप्रतिनिधियों से भी इस दिशा में पहल करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि यदि नगरसेवक, मुंबई महानगरपालिका के अधिकारी और कर्मचारी सामूहिक रूप से सहयोग करें, तो इस निधि के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों की बड़ी संख्या तक सहायता पहुंचाई जा सकती है।

महापौर ने यह भी बताया कि महापौर निधि को और प्रभावी बनाने के लिए उसमें दी जाने वाली आर्थिक सहायता की राशि बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। वर्तमान में गरीब मरीजों को इस निधि से सामान्य रूप से पांच हजार रुपये की मदद मिलती है, लेकिन इसे बढ़ाकर 50 हजार रुपये तक करने की दिशा में पहल की जाएगी, ताकि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को वास्तविक राहत मिल सके।

पुष्पगुच्छ की जगह मदद का आग्रह
महापौर बनने के बाद बड़ी संख्या में नागरिक उनसे मिलने पहुंच रहे हैं और सम्मान स्वरूप शाल व पुष्पगुच्छ भेंट कर रहे हैं। इस पर रितू तावडे ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि लोग औपचारिक स्वागत की बजाय गरीब मरीजों की सहायता के लिए महापौर निधि में आर्थिक योगदान दें। उनका मानना है कि यह सम्मान का सबसे सार्थक रूप होगा।

क्यू आर कोड से भी दे सकेंगे सहयोग
महापौर निधि में सहयोग को आसान बनाने के लिए क्यू आर कोड की व्यवस्था भी की जा रही है। नागरिक इस क्यू आर कोड के माध्यम से सीधे निधि में अपनी आर्थिक सहायता जमा कर सकेंगे। यह क्यू आर कोड महापौर कार्यालय के बाहर लगाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें भागीदारी कर सकें।

महापौर ने लोगों से अपील की है कि वे इस पहल का हिस्सा बनें और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं।

गंभीर बीमारियों से पीड़ितों को मिलती है सहायता
महापौर निधि से हृदय रोग, मस्तिष्क संबंधी गंभीर बीमारियां, किडनी विकार और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों से पीड़ित आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को आर्थिक सहायता दी जाती है। हालांकि, बीते कुछ समय से इस निधि में आने वाली देनदारियों में कमी आई है, जिससे जरूरतमंदों को पर्याप्त मदद देना मुश्किल हो रहा है।

ऐसे में महापौर का यह निर्णय न केवल मानवीय संवेदनशीलता का परिचायक है, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी प्रेरित करने वाला कदम माना जा रहा है। यदि इस पहल को व्यापक समर्थन मिलता है, तो महापौर निधि जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनरेखा साबित हो सकती है।

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