मुंबई में इंडिया–फ्रांस इनोवेशन फोरम में बोले, दुनिया की बड़ी कंपनियों का नेतृत्व भारतीयों के हाथ में
मुंबई। इमैनुएल मैक्रों ने भारत की प्रतिभा और नवाचार क्षमता की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि दुनिया की कई शीर्ष कंपनियों का नेतृत्व भारतीय कर रहे हैं और यह देश की बौद्धिक ताकत का स्पष्ट प्रमाण है। मुंबई में आयोजित इंडिया–फ्रांस इनोवेशन फोरम को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत को वैश्विक नवाचार का अग्रदूत बताया और कहा कि यह साझेदारी केवल रणनीतिक नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता और प्रगति की साझेदारी है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मंच पर मौजूद थे।
मैक्रों ने अपने संबोधन में उदाहरण देते हुए कहा कि Alphabet Inc., Microsoft, IBM और Adobe Inc. जैसी वैश्विक कंपनियों के शीर्ष पदों पर भारतीय मूल के नेता कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि भारत की शिक्षा, प्रतिभा और नवाचार क्षमता का परिणाम है। उन्होंने विशेष रूप से Palo Alto Networks और Chanel का उल्लेख करते हुए कहा कि इन कंपनियों का नेतृत्व भी भारतीय मूल के लोगों के हाथों में है।
मैक्रों ने कहा कि भारत सिर्फ वैश्विक नवाचार में भागीदार नहीं है, बल्कि उसे दिशा देने वाला देश बन चुका है। उन्होंने महाराष्ट्र का जिक्र करते हुए बताया कि चैनल की प्रमुख लीना नायर कोल्हापुर से हैं। इस बात पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों से उनका स्वागत किया।
उन्होंने भारतीय मूल के शीर्ष कॉर्पोरेट नेताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सुंदर पिचाई, सत्य नडेला, अरविंद कृष्णा, शांतनु नारायण और निखिल अरोड़ा जैसे नाम इस बात के प्रतीक हैं कि भारतीय प्रतिभा वैश्विक स्तर पर नेतृत्व कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत के पास विशाल टैलेंट पूल है और बड़ी आबादी के कारण वह नए विचारों को बड़े स्तर पर लागू करने की अनूठी क्षमता रखता है।
मैक्रों ने यह भी कहा कि आज का समय वैश्विक अनिश्चितताओं से भरा है, ऐसे में भारत और फ्रांस के बीच सहयोग एक स्थिर और भरोसेमंद साझेदारी के रूप में उभर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संबंध केवल रक्षा या व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि विज्ञान, तकनीक, नवाचार और वैश्विक विकास की साझा यात्रा है।
कार्यक्रम के दौरान दोनों देशों ने ‘इंडिया–फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026’ की औपचारिक शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य स्टार्टअप, शोध, तकनीकी विकास और उद्योगों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया एक अनिश्चित दौर से गुजर रही है और ऐसे समय में भारत–फ्रांस की साझेदारी वैश्विक स्थिरता की एक मजबूत ताकत बनकर उभर रही है। उन्होंने कहा कि फ्रांस की विशेषज्ञता और भारत की विशाल क्षमता का संयोजन भविष्य के लिए नए अवसर पैदा करेगा।
मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं और अब उन्हें ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक पहुंचाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति मैक्रों के साथ मिलकर इस संबंध को नई ऊर्जा और गहराई मिली है।
फ्रांस के राष्ट्रपति की तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग, राफेल से जुड़े मुद्दे, महत्वपूर्ण खनिज और तकनीकी साझेदारी जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। हालांकि, मुंबई में आयोजित इस फोरम में मैक्रों का मुख्य फोकस भारतीय प्रतिभा और नवाचार की क्षमता पर रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मंच दोनों देशों के बीच तकनीकी और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करेंगे। भारतीय युवाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम को वैश्विक अवसर मिलने से आने वाले वर्षों में नवाचार की गति और तेज होने की उम्मीद है।
मैक्रों के शब्दों में, भारत आज सिर्फ एक भागीदार नहीं, बल्कि वैश्विक नवाचार का नेतृत्व करने वाला देश बन चुका है—और यही भारत–फ्रांस साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत है।