मुंबई सेंट्रल के बेलासिस पुल को मिला अहिल्याबाई होलकर का नाम; आज लोकार्पण

मुंबई। दक्षिण मुंबई की यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत देने वाले ऐतिहासिक बेलासिस रेल उड्डाणपुल का अब नया नाम होगा। ताड़देव–नागपाड़ा और मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पुल का नामकरण पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर के नाम पर किया गया है। गुरुवार, 26 फरवरी को मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के हाथों दूरदृश्य प्रणाली के माध्यम से इसका लोकार्पण किया जाएगा। समारोह में उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार तथा महापौर रितू तावड़े की उपस्थिति रहेगी।

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जहांगीर बोमन बेहराम मार्ग (पूर्व नाम बेलासिस रोड) पर स्थित यह पुल दक्षिण मुंबई के पूर्व और पश्चिम हिस्सों के बीच अहम संपर्क मार्ग है। रेलवे लाइन के ऊपर से गुजरने वाला यह उड्डाणपुल मुंबई सेंट्रल, नागपाड़ा और ताड़देव जैसे व्यस्त इलाकों को जोड़ता है। पिछले दो वर्षों से पुनर्निर्माण कार्य के चलते इस मार्ग पर यातायात बाधित था, जिससे आसपास के दादासाहेब भडकमकर मार्ग (ग्रांट रोड), पठ्ठे बापूराव मार्ग और महालक्ष्मी स्टेशन पुल पर भारी ट्रैफिक दबाव देखा गया। अब पुल के चालू होने से इन मार्गों पर यातायात सुचारु होने की उम्मीद है।

ब्रिटिशकाल में निर्मित लगभग 130 वर्ष पुराने इस पुल को जर्जर घोषित किए जाने के बाद मुंबई महानगरपालिका ने इसका पुनर्निर्माण शुरू किया था। पुराने ढांचे को पूरी तरह हटाकर आधुनिक तकनीक से नया पुल तैयार किया गया है। प्रशासन ने इस परियोजना के लिए सख्त समयसीमा तय की थी। उल्लेखनीय है कि महानगरपालिका को पूर्व में कई आधारभूत परियोजनाओं में देरी के कारण आलोचना झेलनी पड़ी थी, लेकिन बेलासिस पुल का कार्य निर्धारित समय से चार महीने पहले पूरा कर एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया गया है।

नाम परिवर्तन को लेकर भी राजनीतिक स्तर पर प्रयास किए गए। पालकमंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने इस पुल का नाम ब्रिटिश सैन्य अधिकारी मेजर जनरल जॉन बेलासिस के नाम से हटाकर पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर के नाम पर रखने की मांग की थी। उनका तर्क था कि शहर के ऐतिहासिक स्थलों को भारतीय विरासत और महान विभूतियों से जोड़ना आवश्यक है। राज्य सरकार और महानगरपालिका ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी, जिसके बाद नामकरण की औपचारिक घोषणा की गई।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष जुलाई में महानगरपालिका ने कर्नाक पुल का नाम बदलकर ‘सिंदूर’ किया था, जो पहलगाम आतंकी हमले के बाद चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की स्मृति में रखा गया था। इसी कड़ी में अब बेलासिस पुल का नाम भी भारतीय इतिहास की महान शासक अहिल्याबाई होलकर के नाम पर रखा गया है।

पुल के शुरू होने से न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि दक्षिण मुंबई के घनी आबादी वाले इलाकों को एक सुलभ और सुरक्षित विकल्प भी मिलेगा। प्रशासन का दावा है कि नए ढांचे में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है और यह आने वाले दशकों तक नागरिकों की सेवा करेगा।

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