महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां मामूली रकम के विवाद ने खूनी रूप ले लिया। महज 20 रुपये की उधारी को लेकर हुए झगड़े में एक युवक ने अपने ही परिचित के गले पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक का अस्पताल में उपचार जारी है, जबकि फरार आरोपी को पुलिस ने कुछ ही घंटों में लातूर से धर दबोचा।
पुलिस के अनुसार, रवींद्र ज्ञानेश्वर गायकवाड़ और सत्यजीत उर्फ सोन्या कांबले एक-दूसरे को पहले से जानते थे। बुधवार रात करीब 8:15 बजे दोनों पिंपरी गांव स्थित लकी कंट्री बार, समृद्धि होटल परिसर में शराब पीने पहुंचे थे। इसी दौरान 20 रुपये की कथित उधारी को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बहस अचानक हिंसक हो गई और सत्यजीत ने गुस्से में आकर रवींद्र के गले पर धारदार हथियार से वार कर दिया।
हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। खून से लथपथ रवींद्र को तत्काल महानगरपालिका के वाईसीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की टीम उसका उपचार कर रही है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पिंपरी पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ जांच शुरू कर दी।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक कडलग ने बताया कि घायल का बयान दर्ज कर लिया गया है और उसकी शिकायत के आधार पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी वारदात के तुरंत बाद फरार हो गया था। पुलिस ने विशेष टीम गठित कर संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी के लातूर भागने की जानकारी मिली।
तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने लातूर पहुंचकर सत्यजीत कांबले को हिरासत में ले लिया। फिलहाल उसे पिंपरी लाया जा रहा है, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि घटना में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी और झगड़े के सटीक कारणों की जांच जारी है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इतनी छोटी रकम को लेकर हुई इस हिंसक घटना ने इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है। लोग इसे शराब के नशे और तात्कालिक आवेश का परिणाम मान रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने भी माना कि नशे की हालत में तकरार ने गंभीर रूप ले लिया।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड की मांग की जाएगी, ताकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद को हिंसा में न बदलें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मामूली आर्थिक विवाद किस तरह अचानक जानलेवा टकराव में बदल सकता है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी भले ही गिरफ्तार हो गया हो, लेकिन 20 रुपये की उधारी ने दो दोस्तों की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया।