मुंबई के चेंबूर में दर्दनाक हादसा, निर्माणाधीन इमारत से गिरकर तीसरे मजदूर की मौत, एक की हालत नाजुक

मुंबई: महानगर के चेंबूर स्थित सुभाष नगर इलाके में निर्माणाधीन इमारत से गिरने के मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। बुधवार को इलाज के दौरान एक और घायल मजदूर ने दम तोड़ दिया। इस हादसे के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, सुभाष नगर में इमारत नंबर 36 का पुनर्विकास कार्य जारी है। शनिवार सुबह करीब छह मजदूर आठवीं मंजिल पर बने अस्थायी मचान पर खड़े होकर काम कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अचानक मचान का एक हिस्सा टूट गया, जिससे सभी मजदूर संतुलन खो बैठे और सीधे नीचे आ गिरे। ऊंचाई से गिरने के कारण मजदूरों को गंभीर चोटें आईं।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने सभी घायलों को तत्काल घाटकोपर स्थित राजावाडी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल ले जाने से पहले ही रामनजेनेल्लु हणुमंता देशपोगु (56) को मृत घोषित कर दिया गया था। अन्य घायलों की हालत गंभीर देखते हुए कुछ को शीव अस्पताल रेफर किया गया।

इलाज के दौरान विजय मौर्य की 1 मार्च को मौत हो गई थी। वहीं गंगाधर राय (22) ने बुधवार को उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। इस तरह इस भीषण हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या तीन हो गई है।

फिलहाल शीव अस्पताल में भर्ती कुश राय (30) की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है और उन्हें गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है। दूसरी ओर संदीप राय (27) और रमेश राय (25) का राजावाडी अस्पताल में उपचार जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस मचान पर मजदूर काम कर रहे थे, वह अस्थायी ढांचे पर आधारित था। उसके टूटने के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस ने निर्माण स्थल के जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित एजेंसियों से पूछताछ शुरू कर दी है। सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा उपायों की अनदेखी पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ऊंची इमारतों पर काम करने वाले मजदूरों के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम अनिवार्य होने चाहिए।

फिलहाल पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन की ओर से घायलों के समुचित इलाज और जिम्मेदारों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। इस हादसे ने एक बार फिर महानगर में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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