विरार में म्हाडा के घरों की बढ़ी मांग, ‘पहले आओ–पहले पाओ’ योजना से 152 दिनों में 3,750 फ्लैट बिके

मुंबई : महानगर क्षेत्र में किफायती आवास की बढ़ती जरूरत के बीच महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (म्हाडा) के कोकण मंडल द्वारा विरार में तैयार आवासीय परियोजनाओं को अब तेजी से खरीदार मिल रहे हैं। लंबे समय तक खाली पड़े इन घरों की बिक्री में पिछले कुछ महीनों में उल्लेखनीय तेजी आई है। ‘पहले आओ, पहले पाओ’ योजना और कीमतों में दी गई रियायतों के चलते पिछले 152 दिनों में ही 3,750 फ्लैटों की बिक्री दर्ज की गई है।

दरअसल, वर्ष 2014 में म्हाडा ने विरार के बोलिंज इलाके में मध्यम और निम्न आय वर्ग के लिए कुल 9,409 घरों का निर्माण किया था। हालांकि उस समय क्षेत्र में पानी की कमी और कुछ बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण इन फ्लैटों को खरीदार नहीं मिल पा रहे थे। कई वर्षों तक बड़ी संख्या में घर खाली पड़े रहे।

स्थिति तब बदली जब पिछले वर्ष सूर्या जलापूर्ति परियोजना के तहत सूर्या नदी का पानी विरार तक पहुंचाया गया। इससे इलाके में लंबे समय से बनी पानी की समस्या काफी हद तक दूर हो गई। इसके बाद लोगों की रुचि इन घरों की ओर बढ़ने लगी। आंकड़ों के मुताबिक 9,409 घरों में से अब तक 7,783 फ्लैटों की बिक्री हो चुकी है। इनमें से 3,750 घर केवल पिछले 152 दिनों में बिके हैं, जो मांग में आई तेजी को दर्शाता है।

म्हाडा के उपाध्यक्ष संजीव जयस्वाल ने बताया कि घरों की कीमतों में दी गई छूट और ‘पहले आओ, पहले पाओ’ योजना को नागरिकों से अच्छा प्रतिसाद मिला है। उन्होंने कहा कि म्हाडा की कोशिश है कि आम नागरिकों को किफायती दरों पर बेहतर आवास उपलब्ध कराया जाए।

विरार के अलावा कोकण मंडल की अन्य परियोजनाओं में भी घरों की बिक्री में तेजी देखी जा रही है। भांडाली में वर्ष 2019-20 में बनाए गए 1,769 घरों में से अब तक 1,761 फ्लैट बिक चुके हैं। इनमें से 811 घरों की बिक्री पिछले पांच महीनों में हुई है। इसी तरह घोटेघर में तैयार किए गए 1,659 घरों में अब केवल 67 फ्लैट ही बिक्री के लिए शेष बचे हैं।

कोकण मंडल के मुख्य अधिकारी डॉ. विशाल राठौड़ के अनुसार मंडल का लक्ष्य अगले एक से दो महीनों में शेष घरों की भी बिक्री पूरी करने का है। इन घरों की बिक्री से करीब एक हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है, जिसका उपयोग म्हाडा की अन्य आवासीय परियोजनाओं को गति देने में किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई महानगर क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी विरार के रियल एस्टेट बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। मुंबई से विरार के बीच कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिनमें बांद्रा-वर्सोवा सी लिंक, वर्सोवा-दहिसर तथा दहिसर-भाईंदर कोस्टल रोड और उत्तन-विरार सी लिंक जैसी योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा प्रस्तावित बुलेट ट्रेन परियोजना भी विरार से होकर गुजरने वाली है।

इसी तरह विरार-अलीबाग कॉरिडोर के विकसित होने से रायगढ़ जिले तक आवागमन और अधिक आसान होने की संभावना है। इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद विरार से मुंबई महानगर क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी तेज और सुविधाजनक हो जाएगा।

म्हाडा के अधिकारियों का कहना है कि बेहतर बुनियादी सुविधाओं और परिवहन संपर्क के कारण विरार अब किफायती आवास के लिए एक आकर्षक विकल्प बनकर उभर रहा है। यही वजह है कि लंबे समय से खाली पड़े फ्लैटों की बिक्री अब तेजी से हो रही है और आने वाले महीनों में इस मांग के और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

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