नवी मुंबई: शहर के परिवहन ढांचे को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। सिडको (CIDCO) ने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के आसपास मेट्रो नेटवर्क का विस्तार करते हुए दो नई मेट्रो लाइनों का प्रस्ताव तैयार किया है। राज्य सरकार को भेजे गए इस विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के तहत करीब 5,557 करोड़ रुपये की लागत से एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा।
हाल ही में छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और नवी मुंबई एयरपोर्ट को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन को मंजूरी मिली थी। इसी के साथ सिडको ने अब एयरपोर्ट के पूर्वी हिस्से को जोड़ने के लिए एक और समानांतर मेट्रो मार्ग की योजना बनाई है, जो मुंबई-शिव हाईवे के साथ विकसित होगा। इस योजना में मेट्रो 1 (A) और मेट्रो-2 नामक दो नई लाइनों का प्रस्ताव शामिल है, जिनमें से एक को मुंबई-नवी मुंबई मेट्रो-8 से जोड़ा जाएगा।
दरअसल, सिडको पहले ही बेलापुर से पेंढार तक मेट्रो लाइन-1 शुरू कर चुका है। बेलापुर-खारघर-पेंढार मार्ग पर 11 स्टेशनों के साथ चल रही यह सेवा फिलहाल अपेक्षा के अनुरूप यात्री संख्या हासिल नहीं कर पाई है, लेकिन एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद इसमें तेजी आने की उम्मीद है। इसी को ध्यान में रखते हुए मेट्रो नेटवर्क का विस्तार तेजी से किया जा रहा है।
सिडको के प्रबंध निदेशक विजय सिंघल के मुताबिक, इन नई परियोजनाओं के मंजूर होने के बाद नवी मुंबई एयरपोर्ट के चारों ओर मेट्रो का एक सर्कुलर नेटवर्क तैयार हो जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।
क्या है परियोजना की रूपरेखा?
प्रस्तावित योजना के तहत मेट्रो लाइन-1 का विस्तार सीबीडी बेलापुर से एयरपोर्ट के पश्चिमी हिस्से सागर संगम तक किया जाएगा। वर्तमान में पेंढार (तलोज़ा) से बेलापुर तक मेट्रो सेवा चालू है, जिसे आगे नेरुल-उरण रेल मार्ग के सागर संगम स्टेशन तक बढ़ाया जाएगा। यहां से यह लाइन मेट्रो-8 से जुड़कर सीधे एयरपोर्ट तक पहुंचेगी। इस विस्तार की लंबाई करीब 3 किलोमीटर होगी।
वहीं, मेट्रो लाइन-2 एक 17 किलोमीटर लंबा महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, जो पेंढार से एयरपोर्ट के पूर्वी हिस्से तक जाएगा। इस मार्ग पर 11 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जो आसावरी, तलोज़ा सेक्टर-15, एमआईडीसी, नावडे, कुदुपाडा, रोडपाली, कलंबोली, कामोठे और खांदेश्वर जैसे प्रमुख इलाकों को जोड़ेगा।
परियोजना रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2031 तक इस मार्ग पर सालाना 6 लाख यात्रियों के सफर करने का अनुमान है, जो 2050 तक बढ़कर 13 लाख तक पहुंच सकता है।
यदि इस परियोजना को अंतिम मंजूरी मिलती है, तो नवी मुंबई एयरपोर्ट क्षेत्र में एक मजबूत, आधुनिक और व्यापक मेट्रो नेटवर्क विकसित होगा, जिससे यात्रियों को तेज, सुगम और विश्वस्तरीय परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।