मुंबई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुंबई युवा कांग्रेस द्वारा आयोजित न्याय सत्याग्रह आंदोलन में शामिल होकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्षों में “न खाऊंगा, न खाने दूंगा” का वादा पूरी तरह खोखला साबित हुआ है और देश की संपत्ति व संसाधनों की खुली लूट हुई है।
सपकाल ने आंदोलन स्थल पर पत्रकारों से बातचीत में कहा, “2014 में नरेंद्र मोदी ने बड़े-बड़े वादे करके सत्ता हासिल की। हर साल दो करोड़ रोजगार देने, किसानों की आय दोगुनी करने, 100 स्मार्ट सिटी बनाने और विकास की घोषणाएँ की गईं। लेकिन इन वादों में से कोई भी पूरा नहीं हुआ। आज देश में एक ऐसा माहौल बन गया है कि कुछ लोग देश की संपत्ति बेच रहे हैं और कुछ उसे खरीद रहे हैं। यही स्थिति महाराष्ट्र में भी देखने को मिल रही है। बड़े मियां तो बड़े मियां, छोटे मियां भी सुभानल्ला।”
युवा कांग्रेस की अध्यक्ष झीनत शबरीन के नेतृत्व में चल रहे न्याय सत्याग्रह आंदोलन में सपकाल ने कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया और उनके संघर्ष की सराहना की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी और देश की जनता के हक की लड़ाई में पूरी ताकत लगाएगी।
सपकाल ने कृषि और किसानों के मुद्दों पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है, लेकिन भाजपा शासन में किसान संकट में हैं। सत्ता में आने से पहले किए गए वादे पूरे नहीं हुए। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा, जबकि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों और दबावों के कारण किसानों की स्थिति और बिगड़ गई है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले पर भी सपकाल ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने पुलवामा और पहलगाम हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि जिम्मेदारों को पकड़ने में सरकार पूरी तरह असफल रही। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी दबाव के चलते भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई में कमजोर रुख अपनाया, जबकि पहले इंदिरा गांधी ने इसी तरह की स्थिति में पाकिस्तान को झुकने पर मजबूर किया था।
सपकाल ने राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की भूमिका पर भी जोर देते हुए कहा कि पार्टी देश में संविधान, लोकतंत्र और संस्कृति को बचाने के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। उन्होंने इसे दूसरी आजादी की लड़ाई बताया और कहा कि अत्याचार और अन्याय के खिलाफ यह लड़ाई लगातार जारी रहेगी।
इस अवसर पर मुंबई युवा कांग्रेस की अध्यक्ष झीनत शबरीन, प्रदेश कांग्रेस के महासचिव संदेश कोंडविलकर, वरिष्ठ नेता भूषण पाटील, शाह आलम शेख, संगठन महासचिव तेजस चंदूरकर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। सपकाल ने कार्यकर्ताओं से कहा कि जनता के हक की लड़ाई में उनकी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है और युवाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा।
सपकाल के बयान ने युवा कांग्रेस और आम जनता के बीच हलचल पैदा कर दी है। कार्यकर्ताओं ने उनके नेतृत्व में आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। उनके अनुसार, देश के भविष्य के लिए न्याय और समानता सुनिश्चित करना अब हर नागरिक की जिम्मेदारी बन गई है।
जागरूक और प्रेरित कार्यकर्ताओं के सामने सपकाल का यह संदेश स्पष्ट था कि मोदी सरकार के 12 वर्षों में असफलताओं और संसाधनों की लूट के खिलाफ आवाज उठाना अब एक राष्ट्रीय आवश्यकता बन गई है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी और देश की जनता के अधिकारों की रक्षा में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।
यह आंदोलन केवल एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि देश में बढ़ती असमानता, रोजगार संकट और किसानों की दुर्दशा के खिलाफ उठाई गई एक सशक्त आवाज के रूप में देखा जा रहा है। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने इसे अपने भविष्य की लड़ाई मानते हुए पूर्ण समर्थन और सक्रिय भागीदारी की घोषणा की है।