मुंबई सत्र न्यायालय से हथकड़ी समेत फरार आरोपी गिरफ्तार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


मुंबई। महानगर के न्यायिक परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सत्र न्यायालय से एक आरोपी पुलिस को चकमा देकर हथकड़ी सहित फरार हो गया। यह सनसनीखेज घटना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी को दोबारा गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान 42 वर्षीय हरिसन एंथोनी जोसेफ के रूप में हुई है, जिसके खिलाफ कुलाबा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज है। वह मूल रूप से केरल का निवासी है और मुंबई के क्रॉफर्ड मार्केट इलाके में रह रहा था। आरोपी पर वर्ष 2023 में एक थैली विक्रेता पर एयरगन से फायरिंग करने का आरोप है, जिसमें उसके खिलाफ हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
बताया जाता है कि घटना के बाद आरोपी लंबे समय तक फरार रहा और करीब नौ महीने बाद जनवरी 2025 में उसे गिरफ्तार किया गया था। उसके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए उस पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत भी कार्रवाई की गई थी। गिरफ्तारी के बाद उसे आर्थर रोड जेल में रखा गया था।
मामले की सुनवाई के लिए आरोपी को मुंबई सत्र न्यायालय में पेश किया गया था। सुनवाई पूरी होने के बाद जब पुलिसकर्मी उसे वापस लॉकअप में ले जा रहे थे, तभी तीसरी और दूसरी मंजिल के बीच आरोपी ने अचानक हमला कर दिया। उसने पुलिसकर्मी प्रशांत कांबले पर धक्का-मुक्की करते हुए खुद को छुड़ाया और हथकड़ी समेत मौके से फरार हो गया। आरोपी के इस दुस्साहसिक कदम से कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान शुरू किया। आसपास के मार्गों, सार्वजनिक स्थानों और संभावित ठिकानों पर पुलिस टीमों को तैनात किया गया। साथ ही यह आशंका जताई गई कि आरोपी अपने गृह राज्य केरल भागने की कोशिश कर सकता है, जिसके चलते रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई।
मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमों ने लगातार प्रयास करते हुए आरोपी को ट्रैक किया और अंततः उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। हालांकि पुलिस ने गिरफ्तारी के स्थान और परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
इस पूरे घटनाक्रम ने न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। सवाल उठ रहे हैं कि हथकड़ी में होने के बावजूद आरोपी कैसे पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा। वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जा रही है।
फिलहाल आरोपी को दोबारा न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

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