वाराणसी। वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर बाबूसराय बाजार के पास स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 28 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। आरोप है कि इंजेक्शन लगाए जाने के महज 20 मिनट के भीतर महिला ने दम तोड़ दिया, लेकिन अस्पताल स्टाफ ने परिजनों को सच्चाई बताने के बजाय उन्हें करीब दो घंटे तक गुमराह किया।
जानकारी के अनुसार, मृतका सरोजा यादव को इलाज के लिए न्यू ममता अस्पताल लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि उपचार के दौरान डॉक्टर ने महिला को इंजेक्शन दिया, जिसके कुछ ही देर बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इसके बावजूद अस्पताल कर्मियों ने परिजनों को यह कहकर टालते रहे कि मरीज सो रही है और घबराने की कोई बात नहीं है।
करीब दो घंटे बाद जब परिजनों को स्थिति पर संदेह हुआ, तो उन्होंने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। इसी बीच डॉक्टर और अन्य कर्मचारी मौके से फरार हो गए, जिससे परिजनों का आक्रोश और बढ़ गया। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते हुए चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया।
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. चक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित कर दी है। टीम को पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
मृतका के पति अनिल यादव ने आरोप लगाया कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण उनकी पत्नी की जान गई है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।