पुणे जिले के पुरंदर क्षेत्र के खानवडी गांव में महात्मा जोतिबा फुले की द्विशताब्दी जयंती वर्ष के अवसर पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ‘ज्योति-सावित्री जिला परिषद विद्यालय’ का उद्घाटन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय महात्मा फुले के स्त्री शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के विचारों के अनुरूप है और यह उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा फुले के पैतृक गांव में इस अत्याधुनिक विद्यालय की स्थापना द्विशताब्दी वर्ष की एक महत्वपूर्ण शुरुआत है। उन्होंने बताया कि यह विद्यालय पहली से बारहवीं कक्षा तक केंद्रीय शिक्षा पद्धति पर आधारित राज्य का पहला जिला परिषद विद्यालय है, जो ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यहां के विद्यार्थी अब वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता विकसित कर रहे हैं और कुछ छात्र अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थानों तक पहुंच बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने इस परियोजना में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने विद्यालय के निर्माण के हर चरण पर ध्यान दिया। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी अब फ्रेंच और जर्मन जैसी विदेशी भाषाएं सीख रहे हैं, जो बदलती शिक्षा व्यवस्था का संकेत है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महात्मा फुले के नाम पर कौशल विकास के एक हजार केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि जिला परिषद द्वारा आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित कर शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही ‘महात्मा फुले जन आरोग्य योजना’ के माध्यम से नागरिकों को पांच लाख रुपये तक मुफ्त उपचार की सुविधा दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने महात्मा फुले को दूरदर्शी समाज सुधारक बताते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा, कृषि और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर देश की पहली बालिका विद्यालय की स्थापना की और समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने किसानों के हित में नए प्रयोग किए और समाज में समानता तथा न्याय का संदेश दिया।
कार्यक्रम में मंत्री छगन भुजबळ, जयकुमार गोरे, चंद्रकांत पाटिल, दादाजी भुसे, दत्तात्रय भरणे, अतुल सावे, मंगलप्रभात लोढ़ा, अदिती तटकरे, योगेश कदम, सांसद सुप्रिया सुळे, विधायक योगेश टिलेकर, राहुल कुल, शंकर मांडेकर और बापूसाहेब पठारे सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा जिला परिषद के अध्यक्ष वीरधवल जगदाले, उपाध्यक्ष विवेक वलसे पाटिल, आयुक्त अमित सैनी, विभागीय आयुक्त डॉक्टर चंद्रकांत पुलकुंडवार और मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटिल सहित कई अधिकारी भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महात्मा फुले स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की और विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों का अनावरण किया। उन्होंने विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। इस अवसर पर साइकिल योजना की शुरुआत और कई आधुनिक प्रयोगशालाओं का उद्घाटन भी किया गया। यह विद्यालय ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए नई दिशा और बेहतर भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा।