मुंबई | मुंबई उपनगर जिले में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे सैकड़ों परिवारों के लिए मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता निधि एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है। इस योजना के तहत अब तक 869 मरीजों को लगभग 8 करोड़ 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है, जिससे उनका इलाज संभव हो सका और परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल के बाद इस योजना को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाने के लिए कई अहम सुधार लागू किए गए हैं। आवेदन प्रक्रिया को सरल करते हुए अनावश्यक कागजी औपचारिकताओं को कम किया गया है, जिससे अब मरीजों और उनके परिजनों को लंबी और जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता। इसके परिणामस्वरूप आवेदनों के निपटारे में तेजी आई है और सहायता राशि समय पर उपलब्ध हो रही है।
सरकार द्वारा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं, जिससे पात्र लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और भरोसेमंद बनी है। विशेष रूप से गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों के लिए यह योजना राहत का बड़ा माध्यम साबित हो रही है, क्योंकि गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्च आमतौर पर उनकी आर्थिक क्षमता से बाहर होता है।
इस योजना के अंतर्गत हृदय, किडनी, लिवर और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों के अलावा कैंसर उपचार, डायलिसिस, सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों की चिकित्सा और नवजात शिशुओं के इलाज के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। इन सभी उपचारों का खर्च काफी अधिक होता है, जिसे यह योजना काफी हद तक कम करने में मदद कर रही है।
हाल ही में सरकार ने बच्चों में कैंसर के इलाज को लेकर विशेष पहल भी शुरू की है। इसके तहत प्रमुख अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों के सहयोग से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर और समय पर उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच पूरे महाराष्ट्र में 40,776 मरीजों को 333 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है। वहीं, मुंबई उपनगर में 869 मरीजों को दी गई 8.10 करोड़ रुपये की मदद इस योजना की प्रभावशीलता को रेखांकित करती है।
अधिकारियों का कहना है that इस पहल के चलते अब मरीजों को इलाज के लिए धन की चिंता कम हो रही है। सरकार ने पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाएं और समय पर उपचार कराकर अपने स्वास्थ्य की रक्षा सुनिश्चित करें।