नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के विवेक विहार इलाके में तड़के सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। एक चार मंजिला इमारत में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते नौ लोगों की जान ले ली। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत घर में लगे एसी में हुए कथित ब्लास्ट से हुई, जिसके बाद लपटों ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना सुबह करीब 3 बजकर 45 मिनट की बताई जा रही है। फायर कंट्रोल रूम को 3 बजकर 47 मिनट पर सूचना मिली, जिसके बाद दमकल विभाग की 14 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। दमकल कर्मियों ने करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 6 बजकर 25 मिनट पर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक भारी जनहानि हो चुकी थी।
दमकल विभाग के अनुसार, आग बी-13 बिल्डिंग के दूसरे फ्लोर पर शुरू हुई और तेजी से ऊपर व नीचे के फ्लोरों में फैल गई। आग के साथ फैले घने धुएं ने लोगों के लिए बाहर निकलना लगभग असंभव बना दिया।
इस भीषण हादसे में 60 वर्षीय अरविंद जैन, उनकी पत्नी अनीता जैन (58), बेटा निशांत जैन (35), बहू आंचल जैन (33) और डेढ़ साल का मासूम आकाश जैन की मौत हो गई। इस त्रासदी ने एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों को खत्म कर दिया—दादा-दादी, माता-पिता और नन्हा बच्चा, कोई भी इस आग से बच नहीं सका।
इमारत की पहली मंजिल पर रहने वाली 45 वर्षीय शिखा जैन भी धुएं और आग के बीच फंस गईं और बाहर नहीं निकल पाने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
वहीं तीसरी मंजिल पर रहने वाले एक अन्य परिवार के तीन सदस्यों—50 वर्षीय नितिन जैन, उनकी पत्नी शैलेय जैन (48) और 25 वर्षीय बेटे सम्यक जैन—की भी इस हादसे में जान चली गई। बताया जा रहा है कि आग लगने के समय यह परिवार भी घर के अंदर ही मौजूद था और उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।
घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। बिल्डिंग के बाहर मृतकों के परिजन और परिचितों का रो-रोकर बुरा हाल है।
फिलहाल प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाया जा रहा है। यह घटना एक बार फिर शहरी इलाकों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।