लखनऊ/अकबरपुर। मीरानपुर मुरादाबाद गांव में चार सगे भाई-बहनों की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद जब चारों बच्चों के शव गांव पहुंचे, तो हर तरफ चीख-पुकार मच गई। परिजनों का विलाप और गांव की खामोशी इस त्रासदी की भयावहता बयां कर रही थी। जोहर की नमाज के बाद चारों मासूमों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। एक साथ चार जनाजे उठने का दृश्य इतना दर्दनाक था कि मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
कब्रिस्तान में सऊद (12) और उमर (10) को एक ही स्थान पर दफनाया गया, जबकि शफीक (14) और बयान (8) को पास में अलग-अलग जगह सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान भारी पुलिस बल भी तैनात रहा, ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे।
घटना शनिवार की है, जब एक घर के अंदर चारों बच्चों के शव खून से सने मिले थे। शुरुआती जांच में ईंट और हथौड़े से वार कर हत्या किए जाने की आशंका जताई गई है। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला और मां गासिया खातून के लापता होने से उस पर संदेह गहरा गया है। पुलिस को शक है कि बच्चों को पहले किसी नशीले या विषैले पदार्थ का सेवन कराया गया, जिसके बाद इस क्रूर वारदात को अंजाम दिया गया।
घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। कई टीमें मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हैं। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जबकि घटनास्थल से मिले मोबाइल फोन को अनलॉक करने की कोशिश जारी है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हैं।
परिवार के लोगों ने इस मामले में कई गंभीर सवाल उठाए हैं। बच्चों के नाना ने साफ कहा कि उनकी बेटी गासिया खातून ऐसा जघन्य अपराध नहीं कर सकती। उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यह किसी रंजिश का परिणाम हो सकता है और मामले को गलत दिशा देने की कोशिश की जा रही है।
वहीं, बच्चों के बड़े पापा सलीम ने भी आशंका जताई कि इस वारदात में एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं। उन्होंने निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है।
एसपी प्राची सिंह के अनुसार, कमरे की दीवारों और बिस्तर पर खून के छींटे मिले हैं। बच्चों के उल्टी करने के निशान भी पाए गए हैं, जिससे यह संदेह मजबूत होता है कि उन्हें पहले कोई विषैला पदार्थ दिया गया। हालांकि, घटनास्थल से अब तक कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है।
फिलहाल पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और फरार मां की तलाश जारी है। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को शोक और भय में डुबो दिया है, जबकि लोग जल्द सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।