मानसून पूर्व रखरखाव कार्य के लिए टीएमसी का फैसला, लाखों नागरिकों को पहले से तैयारी की सलाह
ठाणे। मानसून के आगमन से पहले जलापूर्ति व्यवस्था को अधिक सक्षम और सुचारु बनाने के लिए ठाणे महानगरपालिका (टीएमसी) ने शहर के कई हिस्सों में 12 घंटे के जलशटडाउन की घोषणा की है। 3 जून को सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी। इस निर्णय का असर ठाणे शहर के अनेक प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों पर पड़ेगा, जिससे बड़ी संख्या में नागरिक प्रभावित होंगे।
महानगरपालिका प्रशासन के अनुसार, यह शटडाउन पाइस पंपिंग स्टेशन और टेमघर जलशुद्धीकरण केंद्र के उच्चदाब उपकेंद्रों पर आवश्यक मरम्मत एवं तकनीकी रखरखाव कार्यों को पूरा करने के लिए किया जा रहा है। मानसून के दौरान निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कंट्रोल पैनल की मरम्मत, ट्रांसफॉर्मर ऑयल फिल्ट्रेशन, विद्युत प्रणालियों की जांच तथा अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य किए जाएंगे।
टीएमसी ने स्पष्ट किया है कि उसकी स्वयं की जलापूर्ति योजना के अलावा महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी) की स्टेम प्राधिकरण से मिलने वाली जलापूर्ति भी इस अवधि में बंद रहेगी। इसके कारण घोड़बंदर रोड, लोकमान्य नगर, वर्तक नगर, साकेत, रितु पार्क, जेल क्षेत्र, गांधी नगर, रुस्तमजी, सिद्धाचल, इंदिरा नगर, रूपादेवी, श्री नगर, समता नगर, सिद्धेश्वर, ईटरनिटी जंक्शन, मुंब्रा तथा कलवा के कुछ हिस्सों में जलापूर्ति पूरी तरह ठप रहेगी।
निगम प्रशासन ने नागरिकों को आगाह किया है कि शटडाउन समाप्त होने के बाद भी स्थिति तत्काल सामान्य नहीं होगी। जलापूर्ति प्रणाली को पुनः पूरी क्षमता से संचालित करने में समय लग सकता है। इसके चलते कई क्षेत्रों में एक से दो दिनों तक कम दबाव से पानी की आपूर्ति होने की संभावना है। इसलिए नागरिकों को आवश्यकतानुसार पहले से पानी संग्रहित कर लेने की सलाह दी गई है।
हर वर्ष मानसून के दौरान जलापूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में समय रहते रखरखाव और तकनीकी सुधार कार्य करना आवश्यक माना जाता है। अधिकारियों का कहना है कि यह अस्थायी असुविधा भविष्य में किसी बड़े तकनीकी व्यवधान से बचाने के लिए उठाया गया एहतियाती कदम है।
महानगरपालिका ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि जल का विवेकपूर्ण उपयोग करें और अनावश्यक बर्बादी से बचें। प्रशासन का दावा है कि रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद जलापूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत तथा विश्वसनीय बनेगी, जिससे मानसून के दौरान शहरवासियों को बेहतर सेवा मिल सकेगी।