दो ट्रकों की भीषण भिड़ंत में दो की मौत, कार भी चपेट में आई
खालापुर के पास हादसे से मचा हड़कंप, घंटों जाम में फंसे हजारों वाहन
मुंबई। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सोमवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे ने फिर से हाईस्पीड यातायात की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। खालापुर क्षेत्र में स्थित फूड मॉल के समीप दो भारी ट्रकों की जोरदार टक्कर में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई और मुंबई की ओर जाने वाला यातायात घंटों प्रभावित रहा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना सोमवार सुबह करीब पांच बजे हुई। तेज रफ्तार से आ रहे दो भारी वाहन अचानक आपस में भिड़ गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ट्रकों के अगले हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और सड़क पर मलबा बिखर गया। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर की आवाज दूर तक सुनाई दी और आसपास के लोग मौके की ओर दौड़ पड़े।
ट्रकों के बाद कार भी हादसे का शिकार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रकों की टक्कर के कुछ ही क्षण बाद पीछे से आ रही एक कार चालक का नियंत्रण खो बैठी और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों से जा टकराई। इससे कार में सवार लोगों को भी गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना के बाद कुछ समय के लिए घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, आपदा प्रबंधन दल और बचाव कर्मी मौके पर पहुंचे। बचाव दल ने क्षतिग्रस्त वाहनों में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए तत्काल अभियान शुरू किया। घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
दो लोगों की मौत, जांच शुरू
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना में दो व्यक्तियों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। वहीं घायल दो लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत जांच कर रही है।
एक्सप्रेसवे पर लगा लंबा जाम
हादसे के कारण एक्सप्रेसवे के एक महत्वपूर्ण हिस्से पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए मार्ग बंद करना पड़ा, जिससे मुंबई की ओर जाने वाले वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई किलोमीटर तक वाहनों की रफ्तार थम गई और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने यातायात को पुराने मुंबई-पुणे राजमार्ग और अन्य वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ दिया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दुर्घटनाग्रस्त वाहनों और मलबे को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त की है। लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण, बेहतर निगरानी व्यवस्था, सड़क संकेतकों की संख्या में वृद्धि और दृश्यता सुधारने जैसे उपायों को तत्काल लागू किया जाना चाहिए।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे को देश के सबसे व्यस्त और आधुनिक मार्गों में गिना जाता है, लेकिन बार-बार होने वाले ऐसे हादसे यह संकेत दे रहे हैं कि सड़क सुरक्षा को लेकर अभी भी कई चुनौतियां मौजूद हैं। सोमवार का यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार की कीमत और सड़क सुरक्षा की गंभीर जरूरत को उजागर कर गया।