12 रुपये के झांसे में गंवाए 9 लाख!

फर्जी गैस बिल लिंक पर क्लिक करते ही साइबर ठगों ने बुजुर्ग का मोबाइल किया हाईजैक, खाते से उड़ाए 9.08 लाख रुपये

ठाणे | डिजिटल युग में साइबर अपराधी लगातार नए-नए हथकंडों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला महाराष्ट्र के ठाणे जिले से सामने आया है, जहां एक 57 वर्षीय बुजुर्ग महज 12 रुपये के भुगतान के झांसे में आकर 9 लाख 8 हजार रुपये की ठगी का शिकार हो गए। साइबर अपराधियों ने फर्जी गैस बिल संदेश भेजकर उनके मोबाइल फोन का नियंत्रण हासिल कर लिया और कुछ ही मिनटों में बैंक खाते से लाखों रुपये निकाल लिए।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित कल्याण क्षेत्र के निवासी हैं। उन्होंने अपना गैस बिल पहले ही ऑनलाइन जमा कर दिया था। इसके बावजूद उनके मोबाइल पर एक संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि गैस बिल अभी तक बकाया है और सेवा बंद होने से बचाने के लिए तुरंत भुगतान करना आवश्यक है। संदेश के साथ एक एपीके (APK) लिंक भी भेजा गया था।

विश्वास में आकर बुजुर्ग ने लिंक पर क्लिक किया। इसके बाद उनके मोबाइल फोन में गैस बिल भुगतान से संबंधित एक नकली एप्लिकेशन डाउनलोड हो गया। एप इंस्टॉल होने के बाद उनसे डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से केवल 12 रुपये का भुगतान करने को कहा गया। जब भुगतान सफल नहीं हुआ तो दूसरी ओर मौजूद ठग ने तकनीकी समस्या का बहाना बनाकर उन्हें फोन की कुछ सेटिंग्स बदलने का निर्देश दिया।

यहीं से साइबर जाल पूरी तरह सक्रिय हो गया। जैसे ही पीड़ित ने बताई गई सेटिंग्स में बदलाव किया, अपराधियों को उनके स्मार्टफोन का रिमोट एक्सेस मिल गया। अब फोन का नियंत्रण पूरी तरह ठगों के हाथ में था। कुछ असामान्य गतिविधियां दिखाई देने पर बुजुर्ग को संदेह हुआ और उन्होंने कॉल काट दी, लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था।

कुछ ही समय बाद उनके बैंक खाते से तीन अलग-अलग ऑनलाइन लेनदेन के जरिए कुल 9.08 लाख रुपये निकाल लिए गए। खाते से रकम कटने के संदेश मिलने पर उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने तत्काल पुलिस से संपर्क किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए खड़कपाड़ा पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। साइबर अपराध शाखा लेनदेन के डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक खातों और तकनीकी सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

विशेषज्ञों ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि किसी भी अनजान लिंक, एपीके फाइल या संदिग्ध संदेश पर क्लिक करने से बचें। बैंक, गैस कंपनियां और सरकारी संस्थाएं आमतौर पर एपीके फाइल भेजकर भुगतान नहीं मांगतीं। थोड़ी सी सावधानी लाखों रुपये की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकती है।

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