महाराष्ट्र में ग्रूमिंग सेवाओं के दामों में 20 फीसदी तक बढ़ोतरी, आम आदमी की जेब पर बढ़ा एक और बोझ
मुंबई | महंगाई की आग अब रसोई और पेट्रोल पंप से निकलकर सैलून तक पहुंच गई है। खाने-पीने की चीजों, गैस और ईंधन की बढ़ती कीमतों के बाद अब बाल कटवाना और दाढ़ी बनवाना भी महंगा हो गया है। महाराष्ट्र नाभिक महामंडल ने राज्यभर में हेयरकट, शेविंग और अन्य ग्रूमिंग सेवाओं की दरों में करीब 20 फीसदी तक वृद्धि करने का फैसला किया है। नई दरें शनिवार से लागू हो गई हैं, जिससे आम लोगों के मासिक खर्च में एक और बढ़ोतरी जुड़ गई है।
नई दरों के मुताबिक अब सामान्य हेयरकट के लिए 180 रुपये और शेविंग के लिए 120 रुपये खर्च करने होंगे। दाढ़ी ट्रिम कराने का शुल्क 150 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि सिर की मालिश के लिए 180 रुपये और हेयर वॉश के लिए 120 रुपये चुकाने पड़ेंगे। इसके अलावा फेशियल की शुरुआती कीमत 700 रुपये और हेयर स्पा का शुल्क 600 रुपये तक पहुंच गया है।
महाराष्ट्र नाभिक महामंडल के पदाधिकारी श्याम अस्करकर का कहना है कि सैलून में इस्तेमाल होने वाले शैंपू, क्रीम, लोशन, ब्लेड और अन्य सौंदर्य उत्पादों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। बिजली, किराया और अन्य संचालन खर्च भी बढ़े हैं। ऐसे में छोटे और मध्यम स्तर के सैलून संचालकों के लिए पुरानी दरों पर काम करना मुश्किल होता जा रहा था। इसी कारण नई दरें लागू करने का निर्णय लिया गया।
संगठन का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है। पहले पेट्रोल, गैस और डेयरी उत्पादों की कीमतें बढ़ीं और अब इसका प्रभाव ग्रूमिंग सेवाओं पर भी दिखाई देने लगा है।
हालांकि, यह नई दरें प्रीमियम और लग्जरी सैलून पर लागू नहीं होंगी, क्योंकि वहां पहले से ही सेवाओं की कीमतें सामान्य सैलून की तुलना में काफी अधिक हैं।
लगातार बढ़ती महंगाई के बीच अब आम आदमी के लिए केवल घर का बजट संभालना ही चुनौती नहीं रह गया है, बल्कि व्यक्तिगत देखभाल पर होने वाला खर्च भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में बाल कटवाना और दाढ़ी बनवाना जैसी रोजमर्रा की जरूरतें भी अब लोगों को पहले से ज्यादा महंगी पड़ने लगी हैं।