4399 दिनों के रिकॉर्ड कार्यकाल और केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने चढ़ाई विशेष चादर
अजमेर। राजनीति, आस्था और राष्ट्रीय विकास के प्रतीकात्मक संगम का एक अनूठा दृश्य उस समय देखने को मिला जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार 4399 दिनों के रिकॉर्ड कार्यकाल तथा केंद्र में मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा ने राजस्थान स्थित अजमेर शरीफ दरगाह में विशेष चादर पेश कर देश की उन्नति, सामाजिक सौहार्द और प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य के लिए दुआ मांगी।
सूफी परंपरा और राष्ट्रीय एकता के संदेश से जुड़े इस विशेष आयोजन का नेतृत्व भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी तथा सूफी संवाद अभियान के डॉ. असलम खान के मार्गदर्शन में किया गया। दरगाह परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, अल्पसंख्यक समाज के प्रतिनिधि तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
अजमेर शरीफ की पवित्र फिजाओं में जब पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ चादर पेश की गई, तब देश की तरक्की, अमन-चैन और सामाजिक सद्भाव के लिए विशेष दुआएं भी की गईं। आयोजन के दौरान वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में हुए विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे के विस्तार, डिजिटल परिवर्तन, महिला सशक्तिकरण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए इसे नए भारत की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण अध्याय बताया।
कार्यक्रम का संचालन भाजपा अल्पसंख्यक नेता आबिद अली यासीन चौधरी के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। आर्थिक सुधारों, तकनीकी प्रगति, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और सामाजिक समावेशन की नीतियों ने देश को नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की निरंतर प्रगति और प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन की कामना के साथ अजमेर शरीफ में विशेष दुआ का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों ने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का आधार बताते हुए कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। अल्पसंख्यक समुदाय के लिए संचालित अनेक योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि इन पहलों से समाज के विभिन्न वर्गों में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है।
दरगाह परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और विकास के संकल्प के प्रतीक के रूप में भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के दौरान देश की खुशहाली, सामाजिक भाईचारे और विकसित भारत के लक्ष्य की सफलता के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई।
अजमेर शरीफ की ऐतिहासिक दरगाह से उठी यह दुआ देश की प्रगति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकजुटता के संदेश के साथ संपन्न हुई। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश देने का प्रयास किया कि विकास, विश्वास और संवाद के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़कर राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जा सकता है।