मुंबई। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर मुंबई में सियासी पारा चढ़ गया है। महंगाई से त्रस्त आम जनता के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शहर के विभिन्न हिस्सों में जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं और बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि ईरान-इजराइल युद्ध की आड़ में आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि पिछले 10 से 12 दिनों के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जिससे पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि तेल कंपनियों के मुनाफे को बढ़ाने के लिए आम नागरिकों की जेब पर डाका डाला जा रहा है। पार्टी का कहना है कि ईंधन की बढ़ती कीमतों का सीधा असर रोजमर्रा की जरूरतों और परिवहन लागत पर पड़ता है, जिससे महंगाई की नई लहर पैदा होती है। ऐसे में सरकार को जनता को राहत देने के बजाय लगातार कीमतें बढ़ाकर परेशानी में धकेला जा रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर चारकोप विधानसभा क्षेत्र में भी कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। “जनता की लूट बंद करो, पेट्रोल-डीजल-सीएनजी की कीमतें वापस लो” जैसे नारों के साथ कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। यह आंदोलन पूर्व मंत्री और विधायक असलम शेख के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष राजपती यादव, मुंबई कांग्रेस के प्रवक्ता एवं मीडिया समन्वयक सुरेशचंद्र राजहंस, स्लम सेल के अध्यक्ष नीलेश नानचे, नगरसेविका डॉ. अजंता यादव, पूर्व नगरसेविका शीतल म्हात्रे और स्लम सेल के जिला अध्यक्ष फारुख शेख सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ी हुई कीमतें तत्काल वापस नहीं ली गईं तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। पार्टी का दावा है कि वह आम जनता के हितों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगी।
बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रहा है। ऐसे में अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार पर टिकी हैं कि वह विपक्ष के आरोपों और जनता की नाराजगी के बीच क्या रुख अपनाती है।