
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के चलते शहर की सड़कों पर मानो मौत का तांडव मचा हुआ है। बीते 27 दिनों में राजधानी में करीब 100 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 24 लोगों की जान जा चुकी है। इन हादसों ने न सिर्फ कई परिवारों को उजाड़ दिया, बल्कि आम नागरिकों के मन में भय का माहौल भी पैदा कर दिया है।
बीते सप्ताह में भी नहीं थमा हादसों का सिलसिला
आंकड़ों के अनुसार, केवल पिछले एक सप्ताह में ही चार अलग-अलग सड़क हादसों में चार लोगों की मौत हुई। 18 जनवरी को गांधीनगर इलाके में तेज रफ्तार ऑटो से गिरकर चार वर्षीय मासूम वियांशी की दर्दनाक मौत हो गई। 20 जनवरी को करधनी एक्सप्रेस-वे पर तेज रफ्तार थार वाहन की टक्कर से अनाया नामक युवती की जान चली गई, जो एयरफोर्स की तैयारी कर रही थी। इसके बाद 22 जनवरी को बनी पार्क क्षेत्र में एक कार की चपेट में आने से ठेला लगाने वाले हनुमान की मौत हो गई। वहीं 24 जनवरी को जयंती बाजार इलाके में डिलीवरी बॉय फैजान को तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
लापरवाही बनी हादसों की बड़ी वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि इन दुर्घटनाओं के पीछे मुख्य कारण तेज रफ्तार, शराब पीकर वाहन चलाना, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और भारी वाहनों की लापरवाह ड्राइविंग है। कई मामलों में हादसे के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो जाते हैं, जिससे पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने में कठिनाई होती है। इसके अलावा कमजोर धाराओं में केस दर्ज होने के कारण आरोपियों को आसानी से जमानत मिल जाती है।
कठोर कानून की मांग
हाई कोर्ट की अधिवक्ता बानो शर्मा ने मांग की है कि सड़क हादसों के मामलों में गैर इरादतन हत्या जैसी सख्त धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जाएं, ताकि दोषी चालकों पर कड़ी कार्रवाई हो सके और यह एक नजीर बने।
डरे हुए हैं शहरवासी
जयपुर के नागरिकों का कहना है कि अब घर से निकलते समय भी डर लगता है। कब कौन सा वाहन लापरवाही से किसी को अपनी चपेट में ले ले, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। लोगों ने सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं।
प्रशासन के लिए चेतावनी
साल की शुरुआत में ही सड़क हादसों में तेजी से हो रही वृद्धि प्रशासन के लिए गंभीर चेतावनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते यातायात और परिवहन विभाग ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है। ऐसे में सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक अभियान और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।