
मुंबई: महानगरपालिका चुनावों के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर गरमा गई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने बुधवार को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई लंबी बातचीत ने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
हाल ही में हुए बीएमसी चुनावों में मनसे ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। हालांकि, यह गठबंधन सत्ता बरकरार नहीं रख सका। चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने शिंदे गुट की शिवसेना के सहयोग से बहुमत का आंकड़ा पार करते हुए 114 के मुकाबले 118 सीटें हासिल कर ली थीं।
उद्धव ठाकरे के साथ राजनीतिक समीकरण बनने के बाद शिंदे और राज ठाकरे की यह पहली मुलाकात मानी जा रही है। इससे पहले भी दोनों नेताओं के बीच संपर्क रहा है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में इस बैठक को खास माना जा रहा है।
‘नंदनवन’ में हुई आमने-सामने बातचीत
यह मुलाकात उपमुख्यमंत्री के आधिकारिक निवास नंदनवन में हुई। पिछले महीने हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनावों के बाद यह दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की बातचीत थी।
शिंदे गुट की ओर से जुड़े एक पदाधिकारी ने बताया कि मुलाकात के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा हुई, हालांकि बातचीत के विषयों का विस्तृत ब्यौरा साझा नहीं किया गया। शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना ने इस बैठक को औपचारिक शिष्टाचार भेंट बताया है।
राजनीतिक मायने तलाश रही है सियासत
राज ठाकरे की इस मुलाकात पर उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए इस बैठक को कई नजरियों से देखा जा रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि महानगरपालिका चुनाव के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच इस तरह की मुलाकातें आने वाले समय में नए गठबंधन या रणनीतिक बदलाव के संकेत भी दे सकती हैं।